उरई। मच्छर जनित बीमारियों से निपटने के लिए पांच अक्तूबर से स्वास्थ्य विभाग विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत कर रहा है। इसको लेकर शुक्रवार को डीएम राजेश कुमार पांडेय ने विकास भवन सभागार में बैठक की। इसमें सरकारी कर्मचारियों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्तााओं से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की सलाह दी।
डीएम ने कहा कि जिले में पांच अक्तूबर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान व 11 अक्तूबर से दस्तक अभियान शुरू होगा। जोकि 31 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभाग साफ-सफाई, दवा छिड़काव, लार्वा नाशक दवाओं का प्रयोग, घर-घर संपर्क व जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करें। दस्तक अभियान संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण घटक है। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम को सक्रिय कर प्रत्येक घर तक जाकर लोगों को जागरूक करवाएं। फ्रंटलाइन वर्कर जागरुकता अभियान के साथ क्षय रोग, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया जैसे रोगों के प्रति भी संवेदीकरण करें। दस्तक अभियान के दौरान यदि किसी व्यक्ति में किसी रोग के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका नाम, पता एवं मोबाइल नंबर सहित संपूर्ण विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
आशा कार्यकर्ता प्रत्येक परिवार के सभी सदस्यों का आभा आईडी बनाकर उन्हें उपलब्ध करवाएं। साथ ही वे कुपोषित बच्चों एवं लक्षण वाले व्यक्तियों का चिन्हिकरण कर सूचीबद्ध करने का कार्य भी करेंगे। बैठक में सीडीओ केके सिंह, सीएमओ डॉ.एनडी शर्मा, डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद, डीआईओएस राजकुमार पंडित, बीएसए चंद्रप्रकाश, सीवीओ मनोज अवस्थी, एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह, मलेरिया अधिकारी चंद्रशेखर, भावना वर्मा आदि रहे।
इस साल मिल चुके डेंगू के 12 मरीज
उरई। जिले में डेंगू के अब तक 12 मरीज आ चुके हैं। 11 सितंबर को कदौरा क्षेत्र कुसमरा बाबनी निवासी शैलेंद्र (34) डेंगू की चपेट में आया था। उसकी हमीरपुर के जिला अस्पताल में जांच हुई थी, जहां डेंगू की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सितंबर माह में डेंगू के पांच माामले आए हैं। इस साल डेंगू के 12 केस आ चुके हैं। एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सभी केसों में टीम ने जाकर निरोधात्मक कार्रवाई कर दी है। (संवाद)