सिरसा कलार। क्षेत्र में गुरुवार सुबह नौ बजे पर तेज हवा के साथ हुई बारिश ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। फसल गिर जाने से किसानों के चेहरों पर चिंता सताने लगी है। अर्किल, चना व लाही की बुआई के लिए पानी फायदेमंद रहेगा।
तरसौर निवासी भोला सेंगर, रहमत अली, सिरसा कलार के श्यामू शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, अभिनेंद्र सिंह, अनिल सिंह सेंगर जिला पंचायत सदस्य बबलू द्विवेदी, राम बिहारी भास्कर आदि ने बताया कि आम तौर पर शारदीय नवरात्र में बारिश होना किसानों की फसल के लिए वरदान होती है। इससे फसल की पैदावार अधिक होती है। वर्तमान समय में धान की फसल में दाना पड़ चुका है।
इस बार दशहरा पर गुरुवार सुबह बारिश के साथ तेज हवा चलने से किसानों की धान की फसल गिर गई है। इससे फसल को करीब 20 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। यदि खेतों में पानी भरा रहा तो नुकसान बढ़ने की संभावना है। वहीं, लाही, गेहूं की बुआई के लिए पलेवा में यह पानी बहुत सहायक है। इससे पैदावार बढ़ने की संभावना है। इस माह के अंत तक जिले में अर्किल, चना, लाही आदि फसलों की बोआई हो जाएगी। संवाद