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मूर्ति चोरी के मामले में दो भाईयों समेत तीन को सजा

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उरई। मंदिर की मूर्ति चोरी के मामले में स्पेशल जज डकैती ने दो भाइयों समेत तीन लोगों को चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही चार-चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मामला 18 साल पुराना जालौन कोतवाली क्षेत्र का है।
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जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरयाना के राधिका मंदिर के पुजारी रामसिया दास ने 27 नवंबर 2003 को मामला दर्ज कराया था। मंदिर से राधा कृष्ण की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी करने के लिए सगे भाई ओमप्रकाश व भानुप्रकाश बादल निवासी मोहल्ला भवानीराम जालौन व उनके साथी ग्राम बिरहरा थाना सिरसाकलार सुरेश शुक्ला आए और ताला तोड़कर मूर्तियां ले जाने लगे। मंदिर के पुजारी ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट कर दी और मूर्तियां चुराकर भाग गए। मंदिर से कुछ रुपये भी ले गए थे। पुजारी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया। शनिवार को इस मामले में स्पेशल जज डकैती अंचल लवानिया की अदालत ने तीनों दोषियों को चार- चार साल की कैद और चार चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले की पैरवी शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने की।
इनसेट
किशोर को तीन साल की सजा
उरई। भाभी की हत्या में दोषी किशोर को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई। किशोर को किशोर न्याय बोर्ड ने गाजीपुर विशेष गृह भेज दिया। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पटेलनगर में महिला की दहेज को लेकर 10 मई 2002 को हत्या कर दी गई थी। मामले में उसका देवर भी आरोप था। नाबालिग होने की वजह से किशोर का केस किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा था। सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि बोर्ड ने किशोर को दोषी पाते हुए तीन साल कैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। (संवाद)
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