उत्तर प्रदेश के जालौन में कोरोना काल में नगर के समाजसेवियों के सहयोग से संचालित निशुल्क स्वर्गारोहण वाहन मानवता की मिसाल है। जहां स्वाभाविक मृत्यु पर भी लोग अपने संबंधियों के शव के पास जाने से डर रहे हैं। वहीं स्वर्गारोहण वाहन के चालक हरीबाबू मृतक को घर से मोक्षधाम तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
हरीबाबू को इलाके में लोग कोरोना योद्धा के नाम से भी पुकारने लगे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण लोगों में इतना डर है कि स्वाभाविक मृत्यु पर भी परिचित लोग अपनी जान पहचान वालों के यहां मृतक को कंधा देना तो दूर उनके पास तक नहीं जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें नगर में समाजसेवियों द्वारा धर्मार्थ चलाए जा रहे अंतिम यात्रा स्वर्गारोहण वाहन की याद आती है।