उरई। जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर सीएमएस डॉ. अनिल राज ने सफाई कर्मचारी (स्वच्छकार) संतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सफाई कर्मी पर नशे में रहने और ड्यूटी के दौरान स्टाफ से अभद्रता का भी आरोप है। अब आउट सोर्सिंग पर तैनात सफाई कर्मी भी सतर्क हो गए हैं।
सोमवार को सीएमएस ने अस्पताल के सभी वार्डों का निरीक्षण किया। वार्डों में मरीजों से पूछताछ की और सभी के कक्षों में जाकर सफाई व्यवस्था देखी। बेड पर बिछी चादरों में धूल देखकर उन्होंने सफाई सुपरवाइजर और वार्ड ड्यूटी में तैनात स्टाफ नर्स को फटकार लगाई। कहा कि अस्पताल में स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। इसके बाद वह ट्रामा सेंटर पहुंचे और वहां पर फैली गंदगी देख नाराजगी जताई और हर घंटे साफ सफाई करने के लिए निर्देश दिए। वार्डों की खिड़किया टूटी व गंदी होेने पर नाराजगी जताई।
ओपीडी में निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं मिले। इस पर उन्होंने उनके रजिस्टर में निरीक्षण का समय लिखकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा। कहा कि समय से ड्यूटी न आने वाले स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दवा काउंटर पर दवाओं की उपलब्धता देखी। तीन नंबर वार्ड में जनरेटर से लाइट की सप्लाई न होने पर उसमें तुरंत सप्लाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, वार्ड नंबर 4 में कुछ दिन पूर्व शॉर्ट सर्किट से लाइट बाधित हो गई थी। उसके लिए उन्होंने तुरंत उस वार्ड के लिए लाइट सुचारू रूप से चालू करने के लिए निर्देश दिए। मरीजों को अनावश्यक रेफर किया गया तो कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान बिजली और मरम्मत संबंधी काम करने वाले कर्मचारी भी उनके साथ रहेंंगे, ताकि कोई समस्या हो तो उसे तत्काल ठीक कराया जा सके।
इमरजेंसी से फार्मासिस्ट को हटाया
उरई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बाहरी लोगों की भीड़ देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही इमरजेंसी में तैनात फार्मासिस्ट सुबोध नायक को हटाकर उनके स्थान पर महिला दवा काउंटर पर तैनात डॉ. एमके बाथम की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
ओटी में नहीं हो रहा रोस्टर का पालन
उरई। जिला अस्पताल के ओटी की व्यवस्था नहीं सुधर रही है। जिला अस्पताल की ओटी में ड्यूटी को लेकर स्टाफ नर्स में नाराजगी है। कुछ स्टाफ का कहना है कि ओटी में कुछ स्टाफ की परमानेंट ड्यूटी रहती है। ओटी में रोस्टर को पालन नहीं हो रहा है। जो नियम के खिलाफ है। (संवाद)