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बसों की किल्लत जारी, मेमू व इंटरसिटी में भीड़ भारी

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उरई। बसों की कमी का असर ट्रेन संचालन पर भी दिखाई दे रहा है। जहां बस अड्डों पर यात्रियों को बसें नहीं मिल रही हैं। वहीं ट्रेनों में यात्रियों की मारामारी है। झांसी कानपुर मेमू और झांसी लखनऊ इंटरसिटी ओवरलोड चल रही है। हालत यह है कि जितने यात्री बैठकर कर नहीं जा रहे है, उससे अधिक खड़े होकर सफर करने को मजबूर है। हालांकि यात्रियों की भीड़ से रेलवे की आय बढ़ गई है।
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बसों के चुनाव ड्यूटी में लगने के कारण जिले में बसों की किल्लत है। जहां रोडवेज बसें फोर्स के लिए अधिग्रहीत कर गैर जनपद भेज दी गई है। तो प्राइवेट बसें भी अधिग्रहण की जाने लगी है। इसका असर छोटी और लंबी दूरी की बसों पर पड़ रहा है। हालांकि रोडवेज अधिकारी दावा कर रहे है कि 12 बसें आ गई है। इस समय सहालग भी चल रही है। इसके चलते सैकड़ों की संख्या में यात्री निजी या डग्गामार वाहनों से यात्रा करने को मजबूर है।
झांसी से कानपुर जाने वाली मेमू में 285 टिकट बिके। इसमें 700 यात्रियों ने उरई स्टेशन से यात्रा की। इसके बाद कानपुर से झांसी जाने वाली मेमू में भी 272 यात्रियों के टिकट बने। इसमें 612 यात्रियों ने यात्रा की। इसी तरह झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी का भी हाल रहा। इसमें भी करीब 242 यात्रियों ने यात्रा की। इन ट्रेनों के निकल जाने के बाद बड़ी संख्या में यात्री रह गए। कई यात्री जब स्टेशन पहुंचे, तब तक ट्रेनें निकल चुकी थी। वह आपस में एक दूसरे से बतियाते रहे कि काहे मेमू पैसेंजर निकल गई का।
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झांसी लखनऊ पैसेंजर के संचालन की मांग
झांसी से लखनऊ और लखनऊ से झांसी जाने वाली पैसेंजर जिसे स्थानीय लोग अद्धा के नाम से भी जानते हैं, उसके दोबारा संचालन की मांग की गई है। यह पैसेंजर कोरोना काल में बंद कर दी गई थी। तबसे से इसका संचालन भी बंद कर दिया गया। रेलवे अधिकारी इसके संचालन के बारे में कोई सटीक जवाब नहीं दे रहे है। केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा का कहना है कि इस बारे में वह रेलवे के उच्च अधिकारियों से बात करेंगे। लखनऊ पैसेंजर के न चलने से यहां यात्री महंगे किराये पर सफर करने को मजबूर है।
मुख्य वाणिज्य पार्सल सुपरवाइजर (सीबीपीएस) सीपी सोनकर का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मेमू और इंटरसिटी में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसका असर रेलवे की आय पर भी हुआ है। कुछ यात्रियों ने मेमू के फेरे बढ़ाने की मांग की है। यदि यात्री लिखकर देते है तो वह अधिकारियों को इससे अवगत करा देंगे।

उरई रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढने के लिए मची आपाधापी।- फोटो : ORAI

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