उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेस -वे के निर्माण शुरू होते ही वहां पुलिस चौकियों की स्थापना करने की बात कही गई थी। लेकिन दो वर्ष से अधिक हो जाने के बाद भी वहां चौकियां नहीं बन पाई हैं। जिससे एक्सप्रेस-वे पर आए दिन होने वाले हादसों में लोगों को तत्काल मदद नहीं मिल पाती है। लोगों का कहना है कि अगर यहां चौकी का निर्माण हो जाता तो लोगों को कई सुविधाएं तत्काल मिलने लगती।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण को करीब दो वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शुभारंभ किया था। इसके साथ ही निर्माण के बाद डकोर क्षेत्र में व औरैया सीमा के पास एक चौकी के निर्माण की बात कही गई थी। लेकिन इतने दिन हो जाने के बाद भी चौकियों का निर्माण नहीं हो पाया है। जिससे एक्सप्रेस वे पर होने वाले हादसों में घायल व्यक्ति को तुंरत इलाज नहीं मिल पाता है।
जिससे कई लोग अधिक रक्त बह जाने से अपने जान गवां देते हैं। लोगों का कहना है कि अगर एक्सप्रेस वे पर चौकियों को का निर्माण हो जाता तो ल लोगों को तत्काल सहायता मिल जाती। लोगों का कहना है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर सुनसान होने की वजह से कई बार डर भी लगता है। अगर चौकी का निर्माण शुरू हो जाए तो व्यक्ति को इसका लाभ मिल जाए और लोगों को डर का भी सामना न करना पड़े।
एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण के समय ही चौकियों के बनने की बात कही गई थी। इसका निर्माण यूपीड़ा को करवाना था। वहीं यूपीड़ा के एई चंद्र भूषण का कहना है कि शासन को पुलिस चौकियों के निर्माण के लिए लिखा गया है। मंंजूरी मिलते ही इनको बनवा दिया जाएगा।