स्टेशन अधीक्षक से जानकारी लेते सीनियर डी ओ एम अतुल यादव
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उरई। झांसी से आए वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (सीनियर डीओएम) मालभाड़ा अतुल यादव ने शुक्रवार को उरई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने माल गोदाम में जाकर वहां की स्थिति देखी और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (सीसीआई) सतेंद्र बंसल को निर्देशित किया कि व्यापारियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जो भी व्यापारी माल बाहर भेजना या मंगवाना चाहते है उनकी मदद करें। उन्होंने सीसीआई से जिले में आने वाली खाद के बारे में भी जानकारी ली। सीसीआई ने बताया कि एक रैक आज आई है और एक कल आने की संभावना है। जैसे ही खाद आती है तो संबंधित ठेकेदार के माध्यम से सोसाइटी में भेजे। हिदायत दी कि मालगोदाम में खाद की डंप नहीं होना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने डिप्टी एसएस कार्यालय का निरीक्षण किया और स्टेशन अधीक्षक व कर्मचारियों से उनकी समस्याएं पूछीं। उन्होंने यह भी पूछा कि उरई स्टेशन पर किन ट्रेनों का स्टापेज नहीं है। स्टेशन अधीक्षक एसके खरे ने बताया कि अहमदाबाद से बनारस जाने वाली साबरमती क्लोन ट्रेन का यहां स्टापेज नहीं है। इस दौरान सीनियर डीओएम ने व्यापारियों के साथ बैठक कर चर्चा की। जिसमें उन्होंने विशेष रूप से मौरंग व्यापारियों से चर्चा की। व्यापारियों ने बताया कि विशेष रुप से मौरंग दिल्ली और लखनऊ भेजी जाती है। आसपास के स्थानों पर ट्रकों से मौरंग भिजवाई जाती है। उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिया कि रेल भाड़ा सड़क भाड़े से कम है। इसलिए रेल सेवाओं का लाभ उठाए। रेलवे उन्हें ज्यादा सहूलियत देगी। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि यदि मालभाड़ा उरई स्टेशन पर बढ़ता है तो स्टेशन की ग्रेडिग़ में सुधार होगा और यहां और ज्यादा संसाधन विकसित किए जा सकेंगे। उनके स्थान मुख्य कल्याण निरीक्षक गजेंद्र सिंह मालौटिया आदि मौजूद रहे।
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पहले खाद लेने के लिए भिड़े किसान
कदौरा। कस्बे में प्राइवेट दुकान पर पहले खाद लेने के लिए किसान आपस में भिड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद एक-एक किसानों को खाद का वितरण कराया।
जिले में खाद की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार रात 8 बजे थाना क्षेत्र के बागी में प्राइवेट खाद विक्रेता द्वारा एक ट्रक खाद मंगवाई थी। जानकारी होने पर वहां सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंच गए और जल्दी लेने चक्कर में किसान आपस में भिड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया और प्राइवेट खाद विक्रेता को नियम के अनुसार खाद बेचने के निर्देश दिए। थाना अध्यक्ष का कहना है कि खाद को लेकर किसानों में विवाद हुआ था। समझा-बुझाकर शांत कराया दिया गया है। वहीं दूसरे दिन कृषि अधिकारी की देखरेख में खाद का वितरण कराया गया। (संवाद)