माधौगढ़। प्रदेश की सरकार गठन के लिए इस बार चुनाव के लिए प्रचार ऑनलाइन (वर्चुअल) किया जा रहा हो लेकिन गांव अभी भी कीचड़ में डूबे हैं। माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के संसाधनों अभाव होने से युवाओं को दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता है।
219 माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग चार लाख 43 हजार 292 मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या के आधार पर यह जिले की दूसरे नंबर की विधानसभा सीट है। बड़ी आबादी होने के बावजूद विधानसभा क्षेत्र में कोई उद्योग स्थापित नहीं कराया गया। इससे युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली, अहमदाबाद, पुणे, गुजरात आदि जाना पड़ता है।
इसके अलावा उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए भी कोई संस्थान नहीं है। छात्र-छात्राओं को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए भी बाहर जाना पड़ता है। पंचायतीराज में कई तरह के फंड होने के बावजूद गांवों में सड़क, नालियां बदहाल होने के साथ पेयजल की दिक्कत है। मरम्मत और सफाई न होने से गलियों व रास्तों पर कीचड़ भरा रहता है।
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डकैतों से प्रभावित रहा विधानसभा क्षेत्र
1965 से 2005 तक विधानसभा क्षेत्र डकैतों का भय रहा। डकैतों के गैंग अपहरण और डकैती की वारदात को अंजाम देते थे। डकैतों के भय से व्यापारी, धनवान, जमींदार गांव को बड़े शहरों में चले गए। डकैतों के भय से ही उद्योग नहीं लग सके।
फोटो 24 अधिवक्ता अंकित सैनी
अधिवक्ता अंकित सोनी ने बताया कि यहां के सांसद भानुप्रताप वर्मा केंद्रीय राज्यमंत्री हैं। उनके पास सूक्ष्म व लघु उद्योग विभाग है। उनके मंत्री बनने से लघु उद्योगों की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन अभी तक कुछ खास लाभ नहीं मिल पाया है।
फोटो 25 आदर्श सिंह
युवा आदर्श सिंह का कहना हैं कि राजकीय बीटीसी ट्रेनिंग सेंटर 1995 तक रामपुरा किले में था। जिससे बीटीसी छात्रों को काफी सहूलियत रहती थी। केंद्र हट जाने से बीटीसी कर रहे युवाओं के लिए 50 किमी दूर पिंडारी तक दौड़ लगानी पड़ती है।