कोंच (जालौन)। मैं बेटी हूं , मैं बेटी की अमिट सी शान बन जाऊं, मैं अपने कर्म से जीतूं हृदय और जान बन जाऊं पंक्तियां जैसे ही श्रोताओं के कानों में गूंजी तो समूचा हाल बेटियों के सम्मान के प्रति तालियों से गूंज उठा। मुख्य अतिथि एवं कवियत्री ऋतु चतुर्वेदी ने उम्दा कविताएं सुनाकर छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। विश्व महिला दिवस पर अशोक शुक्ला महिला महाविद्यालय में अमर उजाला के महिला सशक्तिकरण ‘अपराजिता’ अभियान के अंतर्गत संगोष्ठी व सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
छात्रा अंचल सोनी ने अपनी कविता के माध्यम से कहा, ओस की बूंदें हैं हम लड़की, मन है एक दर्पण हम लड़की हैं। छात्रा शिवांगी तिवारी ने रानी लक्ष्मीबाई की झांकी के माध्यम से नारी शक्ति का बखान किया। प्राचार्य डॉ. अरविंद यादव ने कहा कि कल्पना चावला, लक्ष्मीबाई जैसे तमाम आदर्श महिलाओं को दिशा दिखाते रहेंगे। डॉ. मनीषा वर्मा, डॉ. नीता रेजा, डॉ. नौशाद, डॉ. वीरेन्द्र त्रिपाठी के अलावा तमाम छात्राओं ने अपने विचार रखे। संचालन डॉ. मृदुल दांतरे ने किया।
इस मौके पर डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी, प्रिया दीक्षित, गौरव श्रीवास्तव, एसडीएम अशोक कुमार, तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा आदि रहे। इसी कड़ी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं तहसील कर्मी गीता, लेखपाल संजना और मेधावी छात्राओं ईशा खरे, ज्योति निरंजन, निकिता कुशवाहा, गौरवी अग्निहोत्री, शिवांगी तिवारी, आकांक्षा पटेल, दीक्षा अग्रवाल, काजल अग्रवाल, अनुष्का जाटव, सुरेश सिंह को सम्मानित किया।