उरई। नकली खाद के कारोबार में लिप्त दस आरोपियों की जमानत अदालत ने खारिज कर दी। जिले में एक माह पहले पुलिस प्रशासन की टीम ने नकली डीएपी का कारोबार करने वाले 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों ने बेल लेने के लिए न्यायालय में जमानत प्रार्थनापत्र दिया था। सोमवार को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट पारुल पवार की कोर्ट में हुई बेल की सुनवाई के बाद सभी दस आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया।
बता दें कि एक दिसंबर 2024 को जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने एसओजी टीम के साथ कोंच रोड उरई स्थित एक गोदाम पर नकली डीएपी खाद बनाए जाने की सूचना पर छापा मारा था। पुलिस ने गोदाम के अंदर से नदीगांव के मोहल्ला कटरा निवासी आदित्य राठौर, कोंच के चंद्रकुआं पटेल नगर निवासी गोविंद तिवारी, कोंच के मंडी गेट निवासी धर्मेंद्र कुशवाहा, कोंच के नया पटेल नगर निवासी विकास चतुर्वेदी, नया पाठकपुरा उरई निवासी अनुराग याज्ञिक, इंद्रा नगर उरई निवासी रविंद्र कुमार, बड़ी बंधौली डकोर निवासी आकाश राजपूत, मुजफ्फर नगर जिले के थाना चरथावल क्षेत्र के बहेड़ी निवासी ट्रक चालक जुल्फिकार को गिरफ्तार किया था।
मौके से पुलिस को ट्रक में रखी 610 बोरी व दो पिकअप में रखी 57 बोरी व गोदाम से 196 बोरी नकली डीएपी खाद के साथ पैकिंग मशीन व खाली बोरियां भी मिली थीं। जबकि पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर नदीगांव स्थित निखिल के गोदाम से नदीगांव मेन बाजार निवासी शिवम अग्रवाल, नदीगांव के मोहल्ला कटरा निवासी मनीष खटीक को गिरफ्तार किया था। यहां से पुलिस को 114 बोरी डीएपी खाद, तीन हजार छपी हुई बोरी, एक पैकिंग मशीन बरामद की थी। पुलिस ने सभी दस लोगों पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया था। कोर्ट में इनके जमानत प्रार्थना पत्रों पर सोमवार को सुनवाई हुई। जिस पर विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट पारुल पवार ने सभी की जमानत प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया।