फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

विज्ञापन
कोतवाली में खुलासा करते एएसपी। - फोटो : ORAI
विज्ञापन
उरई(जालौन)। कोतवाली पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने शहर में असलहा बनाने वाले शातिर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से तमंचा, कारतूस व असलहा बनाने के उपकरण बरामद हुए। दूसरे मामले में कोंच कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम ने तीन लोगों को असलहा, कारतूस सहित गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों पर आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। दोनों मामलों का खुलासा एएसपी ने किया।
विज्ञापन

एएसपी डॉ. अवधेश सिंह ने अवैध असलहा बनाने के आरोप में पकड़े गए राकेश याज्ञिक पुत्र मुन्नीलाल निवासी मोहल्ला राजेंद्र नगर कोतवाली उरई के बारे में बताया कि कोतवाली पुलिस व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह तीन बजे कोतवाली के करमेर रोड स्थित दूध डेयरी पर दबिश दी। यहां राकेश अवैध असलहे बनाता मिला। उसके पास से पांच तमंचे , दो कारतूस, तीन खोखा, दो तमंचे अधबने और असलहा बनाने वाले उपकरणों में लोहे की नाल, पत्ती, ग्रांडर मशीन, स्प्रिंग, निहाई आदि उपकरण बरामद किए गए। पुलिस टीम में कोतवाल जेपी पाल, सर्विलांस प्रभारी अजय कुमार, उपनिरीक्षक शशांक बाजपेई, महेश कुमार, विजय कुमार द्विवेदी समेत कई सिपाही मौजूद रहे।
बुंदेलखंड से एमपी तक थी सप्लाई
पुलिस के हत्थे चढ़े राकेश ने बताया कि वह तमंचा बनाकर बुंदेलखंड के हमीरपुर, राठ, महोबा जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में बेचता है। कुछ तमंचों के लिए उसके पास मध्यप्रदेश से लोग आते हैं। पुलिस अब इन सभी का नाम-पता लेकर जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन

हत्थे चढ़े अवैध असलहा बेचने वाले
कोंच कोतवाली पुलिस ने स्वाट टीम के साथ कस्बे के महेशपुरा रोड स्थित ग्राम जुझारपुरा से अवैध असलहों की तस्करी करने वाले गंगाराम पुत्र मुन्नालाल निवासी मयंक नगर कोंच, बृज मोहन पुत्र गंगाप्रसाद निवासी ग्राम चमेड़ कोंच, अखिलेश पुत्र रामस्वरूप मोहल्ला गांधी नगर कोंच को बुधवार सुबह पांच बजे असलहों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को इनके पास 315 बोर की बंदूक, दो कारतूस, एक अद्धी 12 बोर, 8 कारतूस, एक अद्धी 12 बोर, सात कारतूस मिले। आरोपियों ने बताया कि वह असलहे बेचने जा रहे थे। पुलिस टीम में कोतवाली के उपनिरीक्षक अशोक कुमार, स्वाट टीम प्रभारी प्रवीण कुमार, एसआई चंदन पांडेय, सिपाही पुनीत कुमार, अजय कुमार, श्रीराम, विनय प्रताप आदि रहे।
किस वजह से तैयार हो रही थी असलहों की खेप
एक ही दिन में दो-दो स्थानों से अवैध असलहों की बरामदगी ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जिले में इतनी संख्या में अवैध असलहे क्यों बन रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि सर्विलांस और एसओजी की टीमें लगी हैं। जल्द ही इसका कारण भी पता लग जाएगा कि तस्कर असलहों की सप्लाई किसे करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें