अब अन्ना जानवरों से खेत की रखवाली भी जान की दुश्मन बन गई है। फसल बचाने
के चक्कर में भीषण ठंड की चपेट में आकर जान गंवा रहे हैं। इसी क्रम में फसल
रखा रहे एक और किसान की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई। इसकी सूचना
परिजनों ने कोतवाली डकोर समेत आलाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने
शव का पंचनामा भर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जिला मुख्यालय उरई
से 7 किमी. दूर की दूरी पर स्थित मुहम्मदाबाद में किसान खेत पर झोपड़ी
डालकर रात दिन अन्ना जानवरों से फसलों की रखवाली कर रहे हैं। इसी के चलते
शुक्रवार को मुहम्मदाबाद निवासी 60 वर्षीय किसान धनीराम अहिरवार पुत्र स्व.
पुन्ने गुरुवार को देर रात में अपनी गेहूं की फसल की रखवाली करने के लिए
खेत पर बनी झोपड़ी में
रुका था। इस दौरान उसे सर्दी लग गई। सूचना मिलते ही
परिजन व ग्रामीण खेत पर पहुंच गए और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया
गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना परिजनों ने
कोतवाली डकोर के
अलावा प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी। लेखपाल विजय सिंह ने
परिजनों से पूछताछ कर रिपोर्ट अधिकारियों को दिए जाने की बात कही है। मौके
पर पहुंची डकोर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज
दिया है। बताया गया है कि किसान दो बैंकों से कर्ज भी लिए था।
कर्जदार भी था किसान
मृतक
के पुत्रों मूलचंद और रामसिंह ने बताया कि सूखे से फसल बर्बाद हो गई थी।
इस बार बीज, खाद, जुताई, बुवाई के लिए उन्होंने इलाहाबाद बैंक की डीवीसी
शाखा से लगभग डेढ़ लाख रुपये का कर्ज किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लिया था।
इसके अलावा कुसमिलिया सहकारी समिति से भी खाद, बीज के लिए लगभग 10 हजार
रुपये का कर्ज ले रखा है।
सर्दी से हो चुकी है दो किसानों की मौत
13
जनवरी को कस्बा डकोर निवासी सोबरन सिंह (58) पुत्र सुखनंदन तथा रमपुरा,
ऐरी निवासी किसान तेजराम प्रजापति पुत्र स्व. भजन प्रजापति 18 जनवरी को फसल
की रखवाली कर रहे थे। इस दौरान ठंड की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई
थी.