जालौन। 25 सालों से काम न मिलने के कारण सीजनल संग्रह अमीन घर पर बैठे हैं। नौकरी से वंचित सीजनल संग्रह अमीनों ने डीएम से स्थाई नियुक्ति कराने की मांग की है।
राजस्व विभाग ने राजस्व वसूली के लिए 1989 में सीजनल अमीनों की नियुक्ति की थी। इन अमीनों ने मेहनत करके सरकार का राजस्व वसूल कर खजाने को भरा था। सरकार ने अधिकांश सीजनल अमीनों को स्थाई कर दिए हैं लेकिन तहसील में अभी भी छह से अधिक सीजनल अमीन ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक सरकार की ओर से स्थाई नियुक्ति नहीं दी गई है। स्थाई नियुक्ति न होने व अन्य कोई काम न होने के कारण सीजनल अमीनों के परिवार आज भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। तहसील के सीजनल अमीन उमाकांत श्रीवास्तव, जगमोहन यादव, अखिलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि 1989 में उन्हें सीजनल अमीन के पद पर नियुक्त किया गया था। चार फसली वसूली के साथ उन्होंने 2001 तक वसूली की थी। उनके सभी साथियों को स्थाई नियुक्त मिल चुकी है लेकिन शेष सीजनल अमीनों को आज तक स्थाई नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उम्र बढ़ने व अन्य कोई काम न होने के कारण उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए है। सीजनल राजस्व संग्रह अमीनों ने आरोप लगाया कि इस मामले में शासन को गुमराह करके उन्हें नौकरी से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने डीएम से मांग करते हुए कहा कि उन्हें स्थाई नियुक्ति दिलाई जाए ताकि वह अपने परिवारों का भरण पोषण किया जा सके।