उरई। एक सप्ताह पहले कालपी में एंबुलेंस के रास्ते में खराब होने की वजह से एक युवक की मौत के मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शुक्रवार को एंबुलेंस के मंडलीय प्रबंधक ने वर्कशॉप के लिए जगह तलाशी। साथ ही जिला महिला अस्पताल के सीएमएस से चर्चा कर एंबुलेंस की व्यवस्थाओं का फीड बैक भी लिया।
जिले में शुक्रवार को पहुंचे मंडलीय प्रबंधक दिनेश सिंह ने झांसी रोड, राठ रोड, कोंच, जालौन और कालपी रोड पर वर्कशॉप के लिए जगह देखी। उन्होंने कई जगह को देखकर संतुष्टि भी जताई। कहा कि वह प्रदेश स्तरीय अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे। इसके बाद उन्होंने एंबुलेंस सेवा के लिए जिला महिला अस्पताल में खोली गई हेल्प डेस्क पर जाकर स्टाफ से भी जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती के लिए एंबुलेंस सेवा तत्काल मुहैया कराने के निर्देश दिए।
जिला प्रबंधक मनीष से कहा कि कोई भी 108 नंबर की एंबुलेंस अस्पताल में खड़ी नहीं होगी। सभी निर्धारित हॉटस्टाप पर खड़ी होगी और कॉल आने के एक मिनट के भीतर लोकेशन के लिए रवाना हो जाएगी। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बोले कि एंबुलेंस की नियमित चेकिंग करें और उनमें दवाओं की एस्पायरी डेट और ऑक्सीजन की स्थिति देखें। जो भी एंबुलेंस मेंटीनेंस मांग रही हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराएं। साथ ही तब तक बैकअप (रिजर्व) में रखी चार एंबुलेंसों की सेवा ली जाए।
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एंबुलेंस खड़ी होने से लगता है जाम
मंडलीय प्रबंधन ने बताया कि कालपी कांड के बाद ईमएटी और पायलट को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही सभी स्टाफ को नए सिरे से हिदायत दे दी गई है कि मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके त्रिपाठी से भी एंबुलेंस सेवा के बारे में फीडबैक लिया। सीएमएस ने गेट पर एंबुलेंस खड़ी करने को लेकर नाराजगी भी जताई। कहा कि इससे जाम लगता है।