जिला अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस
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उरई। मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे एंबुलेंस कर्मियों का आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, प्रशासन ने भी सख्ती दिखाते हुए एंबुलेंस स्टाफ से एंबुलेंस की चाभियां ले ली है। एंबुलेंस कर्मियों ने शासन प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा। जब तक मांगें नहीं मानी जाती है। उधर, एंबुलेंस सेवा के मंडल प्रबंधक दिनेश सिंह का कहना है कि एंबुलेंस स्टाफ की जल्द नई भर्तियां भी की जाएगी।
एंबुलेंस कर्मियों का आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। जिसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। निजी साधन से अस्पताल के लिए आने को मजबूर हुए। हालांकि प्रशासन के दबाव की वजह से नौ ब्लाक और पांच तहसीलों पर एक.एक एंबुलेंस को खड़ा कर दिया गया है। पर संख्या पर्याप्त नहीं है। जिले में कुल 44 एंबुलेंस मौजूद है। जिसमें से 20 गाडिं़यां ही जिले में दौड़ रही है। बाकी जिला अस्पताल व जीआईसी स्कूल के पास खड़ी है। गुरुवार को एंबुलेंस कर्मी जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन जारी रखा। अभी भी एंबुलेंस कर्मियों की विभिन्न मांगें पूरी नहीं हुई है। अपनी मांगों को लेकर अड़े इन कर्मचारियों से पुलिस आए दिन नोकझोंक कर रही है। जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब आंदोलन जारी रखेंगे। उधर प्रबंधन आंदोलनकारियों के आगे झुकने को तैयार नहीं है। प्रबंधन नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।