उरई/कोंच। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर सात सूत्री मांगों को लेकर एंबुलेंस स्टाफ ने सोमवार दोपहर से हड़ताल कर दी। चुर्खी बाईपास के पास कर्मियों ने एंबुलेंस खड़ी कर नारेबाजी शुरू कर दी। स्टाफ ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के कारण मरीजों को खासी परेशानी हुई।
सोमवार की सुबह एकाध गाड़ियां गईं और कुछ फील्ड से मरीजों को लेकर आई लेकिन फिर नहीं लौटी। इसके चलते मरीजों को खासी परेशानी हुई। एंबुलेंस स्टाफ के पंकज पटेल, मुकेश, सौरभ वाजपेयी, नीरज यादव, लल्लन सिंह, राजवीर सिंह, आलोक, राहुल, वीरसिंह, धीरसिंह, गोलू राजा आदि ने बताया कि कंपनी((जीवीकेईएमआरआई) उनका उत्पीड़न कर रही है। नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। हड़ताल के कारण आटा, कदौरा, स,रावन, माधौगढ़, कालपी, जालौन के सीएचसी, पीएचसी में मरीजों व तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल से प्राइवेट वाहन मालिकों की कमाई
हड़ताल के कारण स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। अब न तो सड़क हादसे के लिए 108 सेवा उपलब्ध कराई जा रही है और न ही जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को 102 सेवा मुहैया पाई। इसके चलते मरीजों व उनके तीमारदारों की समस्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा समस्या जिला महिला अस्पताल के मरीजों को हुई। इधर, एंबुलेंस की हड़ताल के कारण प्राइवेट वाहन चालकों ने खूब कमाई की।
दोपहर बाद खड़ी रहीं सभी 48 एंबुलेंस
एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी मोहम्मद इरफान ने बताया कि जिले में एंबुलेंस सेवा की कुल 48 गाड़ियां हैं। इनमें 102 सेवा की 21, 108 सेवा की 23 एंबुलेंस व एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) सेवा की चार एंबुलेंस है। 108 सेवा के माध्यम से 140 काल, 102 सेवा की 220 काल और एएलएस सेवा क करीब दस काल रोजाना अटैंड की जाती है। सोमवार की दोपहर तक कुछ काल पर गाडिय़ां गई लेकिन इसके बाद सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई।