उरई। नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म के प्रयास से जुड़े मामले में न्यायालय ने आरोपी अमन को राहत देने से इन्कार करते हुए उसकी अग्रिम जमानत खारिज कर दी। मामला कोतवाली उरई क्षेत्र के एक मोहल्ले से संबंधित है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पिता ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए आरोप लगाया था कि वह अपनी नाबालिग पुत्री व उसका पुत्र उरई में रहकर पढ़ाई करा रहे थे। उसके अनुसार वह अपने परिचित एक साथी को बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी देकर गांव जाते थे।
आरोप है कि 24 नवंबर 2024 को दोपहर लगभग तीन बजे अमन उनके घर पहुंचा। उस समय घर में उनकी नाबालिग पुत्री अकेली थी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और गलत कार्य करने का प्रयास किया। छात्रा के शोर मचाने पर रामनारायण सहित अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और छात्रा को बचाया। आरोप है कि आरोपी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देता हुआ वहां से भाग गया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद कोतवाली उरई में शिकायत करने व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजा, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद पीड़ित ने 3 दिसंबर 2024 को न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय द्वारा वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद आरोपी अमन के खिलाफ तलबी आदेश जारी किया गया। न्यायालय से नोटिस जारी होने के बावजूद आरोपी पेश नहीं हुआ।
बाद में आरोपी ने पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।