उरई रेलवे स्टेशन पर दो अलग-अलग ट्रेनों की पटरियों पर युवक लेट गए, जिससे इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेनें रोकी गईं। घटनाओं के कारण यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा। आरपीएफ ने जांच शुरू की और एक युवक को इलाज के बाद घर भेजा।
उरई। अहमदाबाद से बनारस जा रही साबरमती एक्सप्रेस के इंजन के आगे एक युवक लेट गया। यह देखकर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। मौके पर पहुंची आरपीएफ को देखकर युवक रात के अंधेरा पाकर भाग गया। इसके चलते ट्रेन 30 मिनट अतिरिक्त खड़ी रही।
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बुधवार की रात अपने निर्धारित समय से एक घंटा देरी से चल रही अहमदाबाद से चलकर बनारस की ओर जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस रात के 9:08 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी हुई। अपने निर्धारित ठहराव के बाद जैसे ही ट्रेन को गंतव्य की ओर बढ़ने का संकेत मिला तो चालक ने देखा कि आगे ट्रैक पर एक युवक लेटा है। चालक ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका और ड्यूटी पर तैनात डिप्टी एसएस को बताया।
सूचना पर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे आरपीएफ दरोगा कोमल सिंह को देखकर युवक अंधेरा पाकर भाग गया। बाद में ट्रैक की जांच कर ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इसके चलते ट्रेन रात के 9:08 बजे से 9:35 बजे तक अतिरिक्त खड़ी रही। आरपीएफ छानबीन कर रही है।
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उद्योगनगरी के पहिये के बीच लेटा युवक, पीछे की गई ट्रेन
उरई। प्रतापगढ़ से मुंबई जाने वाली उद्योगनगरी एक्सप्रेस के इंजन के पहिये के बीच एक युवक लेट गया। चालक ने ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। चालक की सूचना पर पहुंचे आरपीएफ ने युवक को जिला अस्पताल में भेजा। जहां से इलाज के बाद उसे घर भेज दिया।
गुरुवार को प्रतापगढ़ से मुंबई जाने वाली ट्रेन नंबर 12174 उद्योगनगरी एक्सप्रेस सुबह के 9:50 बजे प्लेटफार्म नंबर 3 पर खड़ी हुई। उसी समय एक युवक इंजन के पहियों के बीच में लेट गया। वहां मौजूद लोगों ने देखा और चालक को बताया। चालक ने इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक एसके खरे को दी। स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर पहुंचे आरपीएफ दरोगा अनिल कुमार, कांस्टेबल बीके पाल ने चालक जितेंद्र कुमार से ट्रेन को पीछे करने को कहा। चालक ने ट्रेन को पीछे किया। उसके बाद मौजूद आरपीएफ जवानों ने इंजन के बीच में फंसे कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी सूर्यभान (27) को बाहर निकाला। एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दरोगा अनिल कुमार ने बताया कि घटना के बारे में उसके पिता को मोबाइल पर जानकारी दी गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने युवक को घर को जाने दिया गया।