फोटो-10-सीएचसी में निरीक्षण करती महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. रंजना खरे। संवाद
जालौन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि क्षेत्र के मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सके। यह बात महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. रंजना दुबे ने मंगलवार को सीएचसी के निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कराने और खराब पड़ी हेल्थ एटीएम मशीन को शीघ्र दुरुस्त कराने का भी आश्वासन दिया।
मंगलवार को महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. रंजना खरे सीएचसी में निरीक्षण के लिए पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले जनरल वार्ड, इमरजेंसी कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर वह संतुष्ट नजर आईं। कागजातों के रखरखाव और रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। मरीजों ने उपचार व्यवस्था को संतोषजनक बताया। हालांकि एक्सरे मशीन होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने की बात सामने आई।
इस पर उन्होंने कहा कि जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को बाहर भटकना न पड़े। इसके अलावा अस्पताल में लगी हेल्थ एटीएम मशीन के खराब होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने इसे जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मशीन के चालू होने से मरीजों को कई तरह की जांच सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। महानिदेशक ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि सीएचसी को अनावश्यक रूप से रेफर सेंटर न बनाया जाए।
मरीजों की स्थिति को देखते हुए ही उन्हें उच्च संस्थानों के लिए रेफर किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही अधिक से अधिक मरीजों का इलाज संभव हो सके। हड्डी रोग विशेषज्ञ की कमी को लेकर हुई चर्चा में उन्होंने कहा कि भविष्य में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से इस समस्या का समाधान किया जा सकेगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार की सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत आदि रहे।