उरई। विधानसभा घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने लखनऊ जाने से पहले ही हिरासत में ले लिया।
जिलाध्यक्ष धीरेंद्र शुक्ला व शहर अध्यक्ष डॉ. रेहान सिद्दीकी की अगुवाई में जा रहे कांग्रेसियों को सुबह सात बजे लखनऊ जाने से पहले हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि योगी सरकार के कुशासन, किसान विरोधी नीतियों, बिजली के निजीकरण, बेरोजगारी, पेपर लीक, सांप्रदायिक वातावरण के खिलाफ प्रदेश की जनता परेशान है।
इन समस्याओं काे उजागर करने के लिए प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर घेराव करने जा रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने पहले ही हिरासत में ले लिया। कांग्रेसियों ने कहा कि सत्ता का विरोध करना हमारा मौलिक अधिकार है। प्रजातंत्र में सत्ताधारी सरकार के कुशासन का विरोध विपक्षी पार्टी हमेशा करती रही है। योगी सरकार पुलिस को आगे करती है, प्रजातंत्र की आवाज दबाने का काम कर रही है।
चौधरी श्याम सुंदर, पवन पटेल, संजू तिवारी, राजकुमार वर्मा, सुरजीत श्रीवास्तव, गुड्डू रिजवी, असगरी बेगम, छाया पालीवाल, नफीस पठान, गुलाब खान, माजिद, कासिम, हरिश्चंद्र, अरविंद सेंगर, डॉ. एसपी सिंह, संतराम नीलांचल, शकुंतला पटेल, राजेश प्रजापति को पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्हें पुलिस लाइन में रोका गया।
कोतवाल अजय ब्रह्म तिवारी ने बताया कि सुबह 19 कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया गया था। दोपहर दो बजे छोड़ दिया गया। कांग्रेस के प्रदेश सचिव व पूर्व जालौन जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा बीती रात लखनऊ पहुंच गए थे। उन्हें आज गिरफ्तार कर लिया गया। जिले से अशोक द्विवेदी, सुरेंद्र सरसेला, सिद्धार्थ दीवौलिया भी लखनऊ पहुंचे थे।
पुलिस ने कांग्रेसियों को घर में किया नजरबंद
कोंच। विधानसभा सत्र के दौरान 18 दिसंबर को विधानसभा का घेराव किए जाने के लिए प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर स्थानीय कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता राजधानी पहुंच पाते इससे पहले ही पुलिस ने उनको घर में नजरबंद कर दिया।
कांग्रेसियों के मंगलवार रात राजधानी लखनऊ निकलने की स्थानीय अधिसूचना इकाई से सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई थी। रात लगभग आठ बजे स्थानीय कांग्रेस नेता रामकिशोर पुरोहित के घर पर एकत्रित हुए नेता और कार्यकर्ता घर से बाहर निकल पाते। इससे पहले कोतवाली के एसएसआई अभिनाष मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने वहां मौजूद नगर अध्यक्ष राघवेंद्र तिवारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष डॉ. सरिता वर्मा, रामकिशोर पुरोहित, पूर्व सभासद जाहिद सिद्धिकी, अनिल पटैरिया, श्मशुद्दीन मंसूरी, सुल्तान राईन, कासिम मंसूरी को घर के अंदर नजरबंद कर दिया। आधी रात के बाद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने इस शर्त पर अपने-अपने घरों को जाने दिया कि लखनऊ नहीं जाओगे, वर्ना उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।