मुहम्मदाबाद। उरई को हमीरपुर जिले से जोड़ने वाले बेतवा नदी पुल की मरम्मत पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 1 करोड़ 54 लाख रुपये की लागत से हुए मरम्मत कार्य के तीन माह बाद ही पुल की सतह पर दरारें और कहीं-कहीं सरिया भी दिखने लगी हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बेतवा नदी पुल उरई, राठ, पनवाड़ी, महोबा, बांदा, चित्रकूट, छतरपुर और हमीरपुर सहित कई क्षेत्रों को जोड़ता है। पुल की जर्जर हालत के कारण शासन ने मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत की थी। मरम्मत और रंगाई-पुताई के लिए पुल को 5 फरवरी से 16 मार्च तक बंद रखा गया था। करीब 40 दिन तक पुल बंद रहने से हजारों लोगों को वैकल्पिक मार्गों से लंबा चक्कर लगाना पड़ा था। इस लंबी अवधि के बंद से यात्रियों को काफी असुविधा हुई थी।
ग्रामीण रमेश, राहुल और हिरदेश का आरोप है कि जिस पुल की मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, उसी पुल पर अब फिर से दरारें दिखाई देने लगी हैं। कई जगह कंक्रीट उखड़ने के साथ सरिया भी नजर आने लगी हैं। इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि भविष्य में पुल की मजबूती को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल की स्थिति में दोबारा खामियां सामने आना गंभीर विषय है। यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला है।
45 दिन तक झेली परेशानी, अब फिर से चिंता
पूर्व प्रधान वीर सिंह राजपूत ने बताया कि पुल बंद रहने के दौरान लोगों को अतिरिक्त टोल शुल्क देकर दूसरे मार्गों से यात्रा करनी पड़ी थी। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हुई थी। वहीं स्थानीय ढाबों और दुकानों का कारोबार भी प्रभावित हुआ था। अब पुल में दोबारा खामियां दिखाई देने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
विद्यार्थियों व राहगीरों को हुई थी बहुत दिक्कत
ग्रामीण जावेद अख्तर ने बताया कि पुल बंद होने के दौरान दोनों जिलों के बीच आवागमन करने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई लोगों ने जोखिम उठाकर नाव के सहारे नदी पार की थी। उनका कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं तो निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए था।
प्रतिदिन गुजरते हैं 20 हजार से अधिक लोग
बेतवा पुल क्षेत्र का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहां से करीब 20 हजार से अधिक लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। उरई से राठ, पनवाड़ी, महोबा और हमीरपुर की ओर जाने वाले अधिकांश वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की स्थिति की जांच कर आवश्यक सुधार नहीं कराया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।
वर्जन
अगर कहीं दरारें आ गई हैं तो जांच कराकर सही कराया जाएगा। जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। - दृगपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
फोटो - 10 मुहाना बेतवा पुल पर दिखने लगी सरिया। संवाद