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किसानों को भिंडी की खेती करने का दिया प्रशिक्षण

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उरई। कृषि विज्ञान केंद्र में भिंडी की खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया, जिसमें किसानों को आन फार्म टेस्टिंग योजना अंतर्गत भिंडी के बीज भी वितरित किए गए।
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उद्यान निरीक्षक डा. अमित कनौजिया ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के खेतों में तुलनात्मक अध्ययन करता है ताकि यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि कौन सी तकनीक जिले में उपलब्ध संसाधनों के लिए उपयुक्त है। उन्होंने भिंडी की खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि खेत की दो तीन गहरी जुताई कर खेत को समतल व भुरभुरा कर लेना चाहिए।

इसके बाद बीस से पच्चीस क्विंटल खाद बुआई के एक महीने पहले डाल देनी चाहिए। जायद कालीन फसल के लिए 18 से 20 कुंतल बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है। अच्छी फसल के लिए शुद्ध व प्रमाणित बीज का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने उर्वरक डालने से पहले मिट्टी की जांच कराने की भी सलाह दी। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डा. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि किसान दिए गए बीज को वैज्ञानिक तरीके से खेती में लगाए ताकि उनका तकनीकी परीक्षण किया जा सके। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डा. विस्टर जोशी, डा. रजनीश, डा. अनुज, क्षमानंद, अमर सिंह, जितेंद्र, श्यामबाबू आदि किसान मौजूद रहे।
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