इसे प्रशासन की दरियादिली कहें या फिर लापरवाही। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन हकीकत यह है कि कन्या विधा धन की तरह ही हमारी बेटी उसका कल योजना के चयन से लेकर चेक बनवाने तक में लापरवाही बरती गई। 88 छात्राओं के चेक डबल बना दिए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब अफसरों ने छात्राओं को चेक दिलवाने का काम शुरू किया। खुलासा होने के बाद अब अफसर परदा डालने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से दस दिसंबर को हमारी बेटी उसका कल योजना की शुरुआत के मौके पर सीएम अखिलेश यादव ने मंडल की करीब आठ हजार छात्राओं को चेक बांटे थे। इस मौके पर कन्या विद्या धन योजना के भी चेक बांटे गए थे। कन्या विधा धन में चयन को लेकर मंडल भर में खूब शोर शराबा मचा था। सत्यापन होने के बाद तमाम कमियां सामने आने लगी हैं। इस बीच हमारी बेटी उसका कल योजना में छात्राओं के चयन से लेकर चेक बनवाने तक की प्रक्रिया में उंगली उठने लगी है।
अल्पसंख्यक विभाग की ओर से संचालित इस योजना के तहत 36 हजार की आय वाली छात्राओं को तीस हजार रुपये दिए गए थे। रामपुर में इस योजना के तहत 2794 छात्राओं का चयन हुआ और उन्हें चेक भी बांटे गए थे। अब खुलासा हुआ कि अल्पसंख्यक विभाग ने गलत तरीके से 88 छात्राओं के दो-दो चेक बनवा डाले। पता तब चला जब कुछ चेक कार्यक्रम में बंटने से रह गए थे।
विभाग ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को चेक वितरण कराने के लिए भेज दिए, लेकिन कालेज से जब एसडीएम ने रिपोर्ट तलब की तो पता चला कि जिन छात्राओं के चेक विभाग की ओर से भेजे गए हैं उन्हें पहले ही चेक मिल चुके हैं। एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। डीएम के निर्देश पर अब इन चेकों को वापस कोषागार भेजे जाने की तैयारी कर रही है।