भाजपा के पीएम पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की जान लेने की धमकी और भड़काऊ भाषण देने के मामले में जेल में बंद कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी।
50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र, इतनी ही राशि के दो जमानती दाखिल करने पर और भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने के आश्वासन पर न्यायालय ने जमानत अर्जी स्वीकार की। इमरान के जमानतदारों के सत्यापन के बाद बृहस्पतिवार को रिहा होने की संभावना है।
पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को 30 मार्च को गिरफ्तार किया था। देवबंद कोर्ट में पेशी के दौरान न्यायालय ने इमरान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। 31 मार्च को एडीजे कोर्ट में इमरान की जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल हुआ।
बुधवार दो अप्रैल को सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष में लंबी बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता विश्वंभर सिंह पुंडीर और अनवार अहमद सिद्दीकी ने तर्क दिए कि जिन बसपा विधायकों के बारे में जातिसूचक शब्द कहे गए, वे मौके पर नहीं थे। न ही कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद था जिसे आपत्तिजनक शब्द कहे हों।
वकीलों ने कहा कि नरेंद्र मोदी धार्मिक नहीं राजनीतिक व्यक्ति हैं। ऐसे में धार्मिक भावना के आहत होने का सवाल नहीं है। दिखाई गई वीडियो पुरानी है। अधिवक्ताओं ने उसमें मौजूद व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र और प्रधान अब्बास अली का शपथपत्र भी कोर्ट में दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अजय कुमार मिश्र ने कहा, 27 मार्च 2014 को आरोपी ने जो शब्द कहे, वैसे ही आपत्तिजनक शब्द 18 सितंबर 2013 को कहे गए थे। इसके गवाह भी हैं। अभियोजन पक्ष ने जमानत दिए जाने पर गवाहों के प्रभावित होने और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका भी व्यक्त की।
दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद एडीजे-चतुर्थ चवन प्रकाश ने 50 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो जमानती दाखिल करने पर रिहाई के आदेश दिए। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती न करने और गवाहों को प्रभावित नहीं करने के आश्वासन दाखिल करने का निर्देश भी दिया।