उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र ने खुदकुशी कर ली। उसने सुसाइड नोट में चौंकाने वाली बातें लिखी हैं और अपने परिजनों से माफी मांगी है।
दरअसल, बच्चों पर अच्छा करने का दबाव इस कदर हावी है कि कभी-कभी ये उनकी जान पर भारी पड़ जाता है। कभी ये दबाव परिवार से मिलता है तो कभी बच्चे खुद इसे ले लेते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है मोहनलालगंज से, जहां डीफार्मा प्रथम वर्ष के छात्र आशुतोष श्रीवास्तव (22) ने खुदकुशी कर ली।
सुसाइड नोट में मृतक आशुतोष ने लिखा कि मुझे लगता है कि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा, मम्मी पापा के सपनों को साकार नहीं कर पाऊंगा, मुझे माफ करना।
इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे के मुताबिक, गोंडा के छपिया चारू निवासी बृजेश श्रीवास्तव निजी कंपनी में काम करते हैं।
डी-फार्मा का प्रथम वर्ष का छात्र था आशुतोष
बेटा आशुतोष गौरा गांव में किराये के मकान में रहता था और एक निजी कॉलेज से डी-फार्मा का प्रथम वर्ष का छात्र था। सोमवार को परीक्षा के बावजूद कॉलेज नहीं गया। आशुतोष ने कॉल रिसीव नहीं की तो शाम को दोस्त कमरे पर पहुंचे। कई बार आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस को सूचना दी।