सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस पर फिर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस धोखेबाज है। जो उसका साथ देते हैं। वह उन्हें ही धोखा देती है।
कांग्रेस, सीबीआई व इनकम टैक्स का भय दिखाकर समर्थन लेती है। जिस-जिस ने कांग्रेस को समर्थन दिया उसी को कांग्रेस व केंद्र सरकार ने धोखा दिया।
करुणानिधि के साथ घटी घटना इसका ताजा प्रमाण है। करुणानिधि ने समर्थन दिया और केंद्र सरकार ने उन्हीं के पार्टी के मंत्री व बेटी को फंसाकर जेल भेज दिया। पर धर्मनिरपेक्षता की प्रतिबद्धता के चलते सपा केंद्र सरकार से अभी समर्थन वापस नहीं लेगी।
समर्थन वापसी का अभी उचित समय नहीं है। सपा कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी। केंद्र में घोटालों की सरकार है। सपा ऐसी पार्टी से गठजोड़ नहीं कर सकती।
यादव शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर कुछ न्यूज चैनलों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने अपने पुराने साथी बेनी वर्मा पर भी हमला बोला। कहा कि बेनी हमेशा मुसलमानों के विरोधी रहे हैं।
चुनाव बाद आएगी तीसरे मोर्चे की बात
यादव ने कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार को फिलहाल समर्थन जारी रहेगा। सपा को यूपी में किसी की मदद की जरूरत नहीं है।
रही तीसरे मोर्चे की बात तो वह चुनाव बाद आएगी। केंद्र में तीसरे मोर्चे की ही सरकार बनेगी। कहा कि वह प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं। पर सपा के सहयोग के बिना केंद्र में सरकार नहीं बन पाएगी।
मैंने न बचाई होती तो सरकार ही न होती
मुलायम ने कहा कि कांग्रेस का भरोसा नहीं। जो उन्होंने बुरे दिनों में कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र सरकार न बचाई होती तो यूपीए आज सत्ता में न होती।
कांग्रेस भय दिखाकर समर्थन हासिल करती है। कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों को केंद्र की सत्ता से बाहर रखने के लिए वह कांग्रेस नेतृत्व वाली इस सरकार का समर्थन कर रहे हैं। लोकसभा में मुद्दों व गुणदोष के आधार पर समर्थन या विरोध करता हूं।
अपमान सहकर भी समर्थन
मुलायम ने कहा कि वह समर्थन वापस ले लें तो कांग्रेस इसे मुद्दा बनाएगी। कहेगी कि सपा के कारण सरकार गिर गई। जिससे सांप्रदायिक शक्तियों को मजबूत होने का मौका मिल गया। धर्मनिरपेक्षता की खातिर अपमान सहकर भी समर्थन दे रहा हूं।
धर्मनिरपेक्षता सपा की प्रतिबद्धता है। बाबरी मस्जिद को टूटने से बचाने के लिए सपा की तत्कालीन सरकार को कड़े कदम उठाने पड़े थे। आलोचना हुई। पर, उससे देश की एकता की रक्षा हुई। मुसलमानों को भरोसा हुआ कि देश आस्था से नहीं, संविधान से चलेगा। सपा ही सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ सकती है।
घोटाले ही घोटाले
सपा मुखिया ने कहा कि केंद्र की कांग्रेस सरकार घोटालों की सरकार है। कर्ज माफी में घोटाला, कोयला घोटाला, हेलीकाप्टर खरीद में घोटाला। घोटाले ही घोटाले हुए हैं। अन्य कई घोटाले भी कांग्रेस सरकार में हुए। कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों व गलत आर्थिक नीतियों के चलते महंगाई बढ़ी है।
किसी से डरता नहीं
यादव ने कहा, ‘ किसी से डरता नहीं। इसलिए खुलकर बोल रहा हूं। समाजवादी पार्टी सिद्धांतवादी पार्टी है। मैने किसी को धोखा नहीं दिया। मुझे ही धोखा दिया गया है। मेरी कथनी-करनी में कोई अंतर नहीं है।’
भाजपा का साथ नहीं
सपा प्रमुख ने कहा, ‘कभी भाजपा का साथ नहीं दूंगा। सपा ही हमेशा भाजपा से लड़ती रही है। किसी ने इस लड़ाई में सपा का साथ नहीं दिया।
कश्मीर, अयोध्या और मुसलमानों के सवालों पर मेरा अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी से हमेशा विरोध रहा है।
कांग्रेस हमेशा तमाशबीन रही है। मैने आडवाणी या भाजपा का न तो कभी समर्थन किया है और नहीं कभी करूंगा। भाजपा से मेरा कभी मेल नहीं हो सकता है। जनता को मेरे बयान पर विश्वास है।
मीडिया से शिकवा
यादव ने कहा कि मीडिया उनके पक्ष में न जाने क्यों नहीं रहता। यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फिर भी दुष्प्रचार हो रहा है कि यहां कानून व्यवस्था भंग है। कहा कि राज्य सरकार का कामकाज ठीक है।
अखिलेश यादव के नेतृत्व में दूसरे राज्यों से बेहतर सरकार चल रही है। कई वादे पूरे हुए हैं। काफी काम हुआ है। कहा कि वह पार्टी के अध्यक्ष हैं। इसलिए सरकार को सावधान करते रहते हैं। जिससे मंत्री संभलकर चलें।
आडवाणी पर सफाई
उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि मंत्री सावधान रहें। जिससे उन पर भ्रष्टाचार का आरोप न लगे। सफाई दी कि आडवाणी का जिक्र उन्होंने सरकार को सावधान करने के लिए किया था। इस बात का दूसरा कोई मतलब नहीं है। पता नहीं मीडिया ने इसे क्यों मुद्दा बना दिया।
बेनी पर हमला
यादव ने बेनी पर करारा हमला बोला। कहा कि राहुल गांधी के बारे में जो कुछ तय करना है वह कांग्रेस को तय करना है।
वैसे राहुल को प्रधानमंत्री वही बना रहे हैं जो अपने लड़के की चुनाव में जमानत नहीं बचा पाए। यादव ने कहा, ‘बेनी वर्मा हमेशा मुसलमानों का विरोधी रहा है।’