यूपी के कानपुर में 'आई लव मोहम्मद' का पोस्टर लगाया गया था। जिसका कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध किया था। इसके बाद यूपी पुलिस ने इस मामले में 25 युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद यूपी में पुलिस के एक्शन पर विरोध प्रदर्शन हुआ। लखनऊ में कई महिलाएं विधानसभा के बाहर पहुंच गई।
पहले जानिए क्यों हुआ विवाद?
चार सिंतबर को कानपुर के रावतपुर में बारावफात पर कार्यक्रम आयोजित था। इसमें पोस्टर लगाया था। जिस पर लिखा था-'आई लव मोहम्मद'। थोड़ी देर बाद ही वहां से कुछ हिंदू संगठन के लोग गुजरे। उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि इस तरह से यहां पहले कभी आयोजन नहीं किया गया।
पुलिस ने सभी को बस में लाद कर ईको गार्डेन रवाना कर दिया था। समाजवादी पार्टी की महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना की अगुवाई में महिलाएं विधानभवन के गेट नंबर चार के पास आई थीं।
सुमैया राना ने कहा था कि 'आई लव मोहम्मद' का बोर्ड लगाने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों पर मुकदमा दर्ज करना बेहद अफसोसनाक है। सवाल उठाया कि आई लव मोहम्मद लिखना कब से अपराध हो गया? आखिर पुलिस ने किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सरकार मुसलमानों को फर्जी मुकदमों के जरिए डराने की कोशिश कर रही है। कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ की जा रही है।
समर्थन में उन्नाव में निकला जुलूस
उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली इलाके के मनोहर नगर में 21 सिंतबर को 'आई लव मोहम्मद' के समर्थन में जुलूस निकाला गया। रोकने पहुंची पुलिस पर भीड़ ने हमला बोल दिया। पुलिस से धक्का-मुक्की कर पथराव किया। भीड़ ने गंगाघाट कोतवाली प्रभारी के स्टार तक नोच लिए। पुलिस ने लाठियां चटकाकर भीड़ को खदेड़ा। 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बरेली में भड़के आईएमसी नेता
बरेली में 21 सिंतबर को 'आई लव मोहम्मद' लिखे बैनर पोस्टर हटवाने पर लोगों की पुलिस से तकरार हो गई। किला थाना क्षेत्र में रविवार को थाना प्रभारी सुभाष कुमार टीम के साथ पहुंचे थे। उन्होंने 'आई लव मुहम्मद' लिखे पोस्टर हटाने की बात कही। जिसका मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध किया।
पुलिस से तकरार के बाद मौलाना तौकीर रजा खान की पार्टी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के नेता डॉ. नफीस का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में डॉ. नफीस कह रहे थे कि मैंने इंस्पेक्टर को कह दिया कि हाथ काट लूंगा... वर्दी उतरवा दूंगा। इसके बाद पुलिस ने डॉ. नफीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
कानपुर में 350 पर मुकदमा
कानपुर में 20 सिंतबर को कैसरगंज में एक समुदाय विशेष के लोगों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने इस मामले में 5 नामजद और 350 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
उसके विरोध में देर शाम को समुदाय विशेष के लोग मुकदमा वापस लेने की मांग करते हुए कैसरगंज में लखनऊ-बहराइच मार्ग पर उतर आए। बड़ी संख्या में लोग 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर और बैनर लिए हुए नारेबाजी भी कर रहे थे।
कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बृजेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि प्रदर्शनकारियों में फैजुल हसन, मुफीद, रिजवान, अरशद खान और बाबू खान को नामजद करते हुए करीब 350 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मौके पर लगे सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को खंगाल कर अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
काशीपुर में भी लाठीचार्ज
उत्तराखंड के काशीपुर में एक समुदाय विशेष के युवकों को जुलूस निकालने से रोकने पर जुलूस में शामिल युवकों ने पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की कर दी। इस दौरान आक्रोशित युवकों में से किसी युवक ने पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी के अगले शीशे पर पत्थर मारकर उसको क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे मामला बिगड़ गया और पुलिस ने लाठी-भांज कर युवकों को खदेड़ दिया।
इस दौरान पुलिस ने 8-10 युवकों को हिरासत ले लिया है। मोहल्ला अल्ली खां में विशेष समुदाय के दर्जनों नाबालिग युवक धार्मिक नारेबाजी करते हुए नई सब्जी मंडी की ओर जा रहे थे।
इस दौरान बांसफोड़ान पुलिस चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मी नारेबाजी सुनकर बाहर आए। देखा तो दर्जनों नाबालिग युवक धार्मिक नारेबाजी करते हुए जा रहे थे। पुलिस ने कर्मियों ने युवकों को रोक कर पूछा कि जुलूस निकालने की अनुमति कहां है। युवक इस पर उत्तेजित हो गए और मौके पर मौजूद 4-5 पुलिस कर्मियों से उलझने लगे।
देखते ही देखते बड़ी संख्या विशेष समुदाय के दर्जनों युवक मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान उत्तेजित युवकों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी थी।