उत्तर प्रदेश के मथुरा में भक्तों को अपनी अलौकिक सुंदरता से मोहित करने वाले श्याम-सलोने ‘ठाकुरजी’ सावन महीने में 37 लाख के चांदी के हिंडोले में विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
वृंदावन के दामोदर मंदिर के लिए बनाए जा रहे इस सुंदर हिंडोले को शुद्ध चांदी से तैयार किया गया है। अब चांदी का हिंडोला अमावस से दामोदर मंदिर में रख दिया जाएगा।
मथुरा के जयसिंहपुरा क्षेत्र में 75 बरस के कन्हैयालाल जयपुरिया के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बीते नौ माह से इस हिंडोले को बनाने में जुटी थी। इस टीम में बबलू जयपुरिया, राहुल सोनी, हिमांशु सोनी और नरेंद्र सोनी शामिल रहे।
बबलू जयपुरिया कहते हैं कि इस हिंडोले को बनाने में 45 किलोग्राम शुद्ध चांदी लगी है। इसमें खूबसूरत नक्काशी की गई है। दो खंभे बनाए गए हैं। हिंडोले में मोर, हाथी बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त अत्यंत बारीक नक्काशी इसे खास बनाती है।
कई पीढ़ियों से बाबूलाल के घर हिंडोले बनाए जाते हैं लेकिन अबकी सावन इनके लिए बेहद खास रहा। बाबूलाल कहते हैं कि अब तक हम लोगों ने अनगिनत हिंडोले बनाए लेकिन उनका वजन दो से चार किलोग्राम तक ही होता था।
पहली बार इतना बड़ा हिंडोला ठाकुरजी के लिए बनाने को मिला जो सौभाग्य की बात है। झूला अब बनकर तैयार हो गया है और इसी अमावस को इसे दामोदर मंदिर में ले जाया जाएगा।