राजकीय विभागों के जिन कर्मचारियों का वेतन अब तक छठ वेतन आयोग के तहत पहली जनवरी 2006 से पुनरीक्षित नहीं हुआ है, उन्हें शासन ने 166 फीसदी डीए का लाभ देने की घोषणा कर दी है।
इस बाबत वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश की प्रति सभी विभागाध्यक्षों और प्रमु0ख कार्यालयाध्यक्षों को भेज दी गई है। बाकी के कर्मचारियों को पहले ही 80 फीसदी डीए का लाभ देने की घोषणा की जा चुकी है।
जिन कर्मचारियों को पहली जनवरी 2006 से पुनरीक्षित वेतन मिल रहा है, उनके महंगाई भत्ते (डीए) में आठ फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
उन्हें जुलाई से कुल 80 फीसदी डीए मिलेगा। जिन कर्मचारियों को पहली जनवरी 2006 से पुनरीक्षित वेतन नहीं मिल रहा है, अब उन्हें भी पहली जनवरी 2013 से बढ़ा हुआ डीए मिलेगा।
ऐसे कर्मचारियों को बढ़ोतरी के बाद कुल 166 फीसदी डीए मिलेगा। इनमें सभी पूर्णकालिक नियमित राज्य कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्ण कालिक कर्मचारी तथा यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं।
कर्मचारियों को बढ़े डीए का लाभ जुलाई में मिलने वाले जून के वेतन के साथ नगद किया जाएगा जबकि जनवरी से मई तक यानी पांच महीने का एरियर सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा करा दिया जाएगा।
जिन कर्मचारियों की नियुक्ति नई पेंशन योजना के तहत पहली अप्रैल 2005 या उसके बाद हुई है, उनके एरियर की दस फीसदी रकम अंशदायी पेंशन खाते में जमा की जाएगी।
जबकि शेष 90 फीसदी रकम नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) के रूप में दी जाएगी। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव ने इस आदेश का स्वागत किया है।
साथ ही मांग की है कि पेंशनरों के लिए भी महंगाई राहत (डीआर) में आठ फीसदी वृद्धि की घोषणा जल्द की जाए, क्योंकि महंगाई के इस दौरान में पेंशनरों का एकमात्र सहारा उनकी पेंशन ही है।