अगर आप अपनी गर्लफ्रेंड से परिवारवालों की मर्जी के बिना लव मैरिज करने की सोच रहे है तो सबसे पहले 50 हजार रुपए अलग रख लें, और उसे बैंक में गर्लफ्रेंड के नाम से एफडी कर दें तभी आप उसके साथ सात फेरे ले पाएंगे।
जी हां, इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के मुताबिक लव मैरिज करने से पहले प्रेमी को अपनी प्रेमिका के नाम 50 हजार की एक एफडी करानी होगी।
दरअसल यह कवायद इसलिए है कि अक्सर लड़कियां प्यार में अंधे होकर माता-पिता और नाते-रिश्तेदारों को छोड़ देती हैं। लेकिन प्रेमी से शादी के बाद अगर धोखा मिलता है तो उनका भविष्य चुनौती बन जाता है। उन्हें इसी अंधकार व अनिश्चितता से बचाने के लिए कोर्ट ने ये फैसला दिया है।
गोरखपुर के संतकबीर नगर की रेखा की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने फैसला सुनाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद ही पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) देवराज नागर ने प्रदेश भर में ये व्यवस्था लागू करने के निर्देश दे दिए है।
उल्लेखनीय है कि परिवार वालों की मर्जी के बिना कोई प्रेमी शादी के लिए प्रेमिका को भगा ले जाता है तो उसके खिलाफ अपहरण (धारा 363, 366) का मामला दर्ज हो जाता है। लेकिन इसके बाद लड़की के यह बयान देने पर कि उसने अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ शादी की है तो मामला खत्म हो जाता है।
हाइकोर्ट के इस नए आदेश के मुताबिक प्रेमी को अपनी प्रेमिका के नाम तीन साल के लिए 50 हजार रुपए की एफडी करवानी होगी। अगर भविष्य में कोई दिक्कत नहीं हुई तो प्रेमी को 50 हजार रूपए वापस मिल जाएंगे।
प्रेम विवाह करने के बाद अगर प्रेमी अपनी प्रेमिका को धोखा देता है तो उसके 50 हजार रूपए तो जाएंगे ही इसके साथ उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।