इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजेश और नुपूर तलवार की 14 गवाहों के बयान वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
इस याचिका में तलवार दंपति ने सीबीआई कोर्ट के 6 मई को दिए गए फैसले को चुनौती दी थी। इस फैसले में सीबीआई कोर्ट ने पूर्व सीबीआई ज्वाइंट डायरेक्ट अरूण कुमार सहित 14 लोगों के बयान दर्ज करने की तलवार दंपति की अर्जी को खारिज कर दिया था।
पहले यह याचिका तलवार दंपति ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपति की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले को पहले वो हाईकोर्ट में ले जाएं। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की गई थी।
16 मई, 2008 को आरूषि बेडरूम में मरी पाई गई थी। उसका गला रेता हुआ था। पहले तो आरूषि के मर्डर का शक घर में काम करने वाले हेमराज पर था, लेकिन बाद में उसकी भी लाश छत पर मिली।
इस हाई प्रोफाइल केस को सीबीआई को सौंपा गया। दिसंबर 2010 में इस केस को बंद करने की सिफारिश करते हुए सीबीआई ने मर्डर का शक आरूषि के पिता राजेश तलवार पर जताया था लेकिन यह भी कहा था कि पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
फरवरी 2011 में गाजियाबाद के स्पेशल कोर्ट ने कहा कि आरूषि के मां-बाप के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और मुकदमा फिर से चलाया जा सकता है। फिलहाल गाजियाबाद के स्पेशल कोर्ट ने तलवार दंपति अपना बयान दर्ज करवा रहे हैं।