उज्जैन में हुई 74 लाख रुपये की ठगी में हाथरस जंक्शन के महौ खास की रहने वाली युवती को एमपी पुलिस ने गवाह बना लिया है। एमपी के राज्य साइबर सेल में दर्ज रिपोर्ट में पुलिस ने युवती को धारा 33(3) के अंतर्गत नोटिस दिया है। युवती को वेबसाइट व टेलीग्राम ग्रुप के प्रमोशन के लिए संपर्क करने वाले साइबर ठगों की जानकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष देनी होगी।
ऑनलाइन गेमिंग एप व टेलीग्राम ग्रुप के जरिए हुई ठगी के मामले में 30 जुलाई को एमपी पुलिस इंस्टाग्राम आईडी के जरिए युवती तक पहुंची थी। राज्य साइबर सेल की डीएसपी लीना मारोठ के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई की थी।
रील्स व प्रमोशन वीडियो के जरिए हर महीने लाखों रुपये कमाने वाली युवती का मकान व ठाठ देख मध्यप्रदेश पुलिस के भी होश उड़ गए थे। पुलिस ने देर रात तक पूछताछ की थी। युवती को हिरासत में लेकर उज्जैन ले जाया रहा था, लेकिन युवती ने सफाई दी कि वह केवल प्रमोटर के रूप में काम कर रही थी, जिस पर उसे मोटा कमीशन मिलता था। उसे ठगी की जानकारी नहीं थी।
बिना विवेचना किए एमपी पुलिस ने युवती की बात पर विश्वास कर लिया और उसे छोड़ दिया। साइबर सेल, उज्जैन के टीआई अमित परिहार ने बताया कि युवती को नोटिस दिया गया है। इसके तहत जब कहा जाएगा तब उसे उज्जैन में मजिस्ट्रेट के समक्ष उन लोगों के बारे में साक्ष्य और विवरण देने होंगे जिन्होंने उससे संपर्क कर उस संदिग्ध टेलीग्राम एप और ग्रुप का अपने पेज पर प्रमोशन करवाया था। इस कार्रवाई के बाद से सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के रील्स और पोस्ट का प्रमोशन करने वाले इन्फ्लुएंसर्स के बीच भी हड़कंप मच गया है।