मृतक की जेब से मिले पत्र में उल्लेख किया गया है कि उसका नाम जवाहर है, वह गिरधरपुर गांव का निवासी है। उसे एक व्यक्ति लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। अब तक 4 लाख रुपया ले चुका है। छह साल से परेशान कर रहा है, कहता है कि उसकी पत्नी का वीडियो बना कर इंटरनेट पर डाल देगा।
13 अप्रैल की रात हाथरस रोड स्थित गांव बरामई को जाने वाले मार्ग के समीप मंदिर के निकट पेड़ पर एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला। मृतक की जेब से मिले पत्र के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आत्महत्या के पीछे ब्लैकमेल करने का प्रकरण बताया जा रहा है।
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पुलिस के अनुसार मृतक की जेब से मिले पत्र में उल्लेख किया गया है कि उसका नाम जवाहर है, वह गिरधरपुर गांव का निवासी है। उसे एक व्यक्ति लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। अब तक 4 लाख रुपया ले चुका है। छह साल से परेशान कर रहा है, कहता है कि उसकी पत्नी का वीडियो बना कर इंटरनेट पर डाल देगा।
पुलिस ने बताया कि जवाहर पुत्र रमेश चंद्र कई वर्ष पूर्व मुंबई चला गया था। वहां पर वह अपनी पत्नी कविता तथा तीन बच्चों के साथ रहता था। जवाहर मेंहदी लगा कर तथा टैटू बना कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। उसकी ससुराल गांव खोड़े मडाका सादाबाद में थी। कोतवाली पर इसके परिजनों ने बताया कि मुंबई में दो दिन पूर्व पत्नी से कहासुनी होने के बाद वह बिना बताए गांव चला आया, लेकिन वह गांव नहीं पहुंचा। कहां गया इसका पता पुलिस विवेचना में चलेगा।सिकंदराराऊ आकर उसने 13 अप्रैल को बाजार से रस्सी खरीदी थी। सुबह उसका शव पेड़ पर लटका मिला। कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है, लेकिन प्रथम दृष्टतया आत्महत्या नजर आती है।