हाथरस अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में बृहस्पतिवार को महिला उप निरीक्षक सुषमा देवी की गवाही हुई। सुषमा देवी वर्तमान में शाहजहांपुर के महिला थाने में तैनात हैं। हादसे के समय वह महिला थाना हाथरस में तैनात थीं। अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी।
सुषमा देवी ने बताया कि वह मंच के सामने बनी रंगोली से लोगों को फूल उठाने से मना कर रही थीं। इस दौरान वह भीड़ में फंस गईं और भगदड़ के रेले में हाईवे के उस पार चली गईं। वह एक गड्ढे में गिर गईं और उनके ऊपर कई लोग गिर गए, जिससे वह दब गईं।
उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गईं। होश आने पर उन्हें पहले एक टेंपो से क्वार्टर भेजा गया, जिसके बाद उनके घरवालों ने उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया। आचरण पक्ष के अधिवक्ता से अगली सुनवाई पर गवाह से जिरह होगी।
बता दें कि घटना दो जुलाई 2024 को सिकंदाराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में भोले बाबा के सत्संग के समापन के बाद हुई थी। हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है, जिसमें 676 गवाहों के बयान शामिल हैं। सभी आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें जमानत भी मिल चुकी है।