जिले भर में बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बनकर टूटी है। बारिश और तेज हवाओं से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बारिश से खेत में पानी भरने से आलू और कटी पड़ी सरसों की फसल के सड़ने की आशंका बन गई है। इधर, गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
जिले में 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू, 81 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं व 16 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल है। इस साल मौसम किसानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। लगातार धूप न निकलने व लगातार तापमान कम रहने से आलू फूल नहीं पाया। इससे आलू की उपज कम निकल रही है। अब आलू की खोदाई के समय बे मौसम बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार की रात और शनिवार की सुबह हुई रुक-रुककर बारिश से खेतों में पानी भर गया। आलू के खेतों में पानी भर गया है। इससे आलू के सड़ने की आशंका बन गई है।
अब इसकी खोदाई में भी देरी होगी। सरसों के खेत में पानी भरने से इसकी कटी पड़ी फसल के सड़ने की आशंका बन गई है। बारिश से आलू की खोदाई में और विलंब होने की संभावना बन गई है। बारिश के साथ तेज हवाओं से गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई है। इससे गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि बिछी हुई फसल की कटाई में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मजदूरी भी अधिक लगेगी। इसके अतिरिक्त गेहूं की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।
जिले में फसलों का क्षेत्रफल
फसल का नाम क्षेत्रफल
आलू की फसल 51 हजार हेक्टेयर
गेहूं की फसल 81 हजार हेक्टेयर
सरसों की फसल 16 हजार हेक्टेयर
जिले में हुई बारिश 08 एमएम।
बारिश और सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड
शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार की सुबह तक रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम में नमी बढ़ गई है। इससे ठंड बढ़ गई है। लोगों ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े निकाल लिए। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं। पिछले दिनों तेज धूप के कारण दोपहर में गर्मी का अहसास लोगों को हो रहा था।
आज जिले में पांच से आठ एमएम तक वर्षा का अनुमान
जिला आपदा विशेषज्ञ लेखराज सिंह ने बताया कि आईएमडी के अनुसार रविवार को पांच से आठ एमएम तक वर्षा होने की संभावना है। किसान अभी खेतों में आलू खोदाई व अन्य कार्य न करें। बारिश के चलते लोग जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकलें।
तिरपाल से ढककर आलू को बचाने का प्रयास
जिले में किसानों के खेतों में आलू की खोदाई चल रही थी। बारिश से आलू की खोदाई बंद हो गई। काफी किसानों के खेतों में आलू के ढ़ेर लगे हुए हैं। इन किसानों ने तिरपाल आदि से आलू के ढ़ेर को ढककर बारिश से बचाने का प्रयास किया। इसके बावजूद आलू बारिश से बचाने में नाकाफी साबित हुए।
खेतों की नमी सूखने पर शुरू हो पाएगी आलू की खोदाई
बारिश से जिले में आलू की खोदाई रुक गई है। अब किसान खेतों में नमी सूखने का इंतजार करेंगे। नमी सूखने के बाद ही अब आलू की खोदाई शुरू हो पाएगी। इस समय किसानों को लग रहा है कि वह जल्द से जल्द आलू खोदकर शीतगृह में भंडारित करें।
बोले किसान
बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मेरी चार बीघा गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई है। इससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होगी। इस फसल की कटाई के समय मजदूर भी अतिरिक्त मजदूरी की मांग करेंगे।
-कन्हैया, गिजरौली।
इधर उधर से रुपये लेकर 15 बीघा गेहूं की बुवाई की थी। इसमें से नौ बीघा गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई है। आलू की फसल में भी नुकसान हुआ है।
- बबलू, गंगचौली।
वर्जन
बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से आलू की फसल के सड़ने की आशंका बन गई है। बारिश से खोदाई भी लेट हो गई है। सरसों की कटी फसल के भी सड़ने की आशंका बन गई है। वहीं तेज हवाओं व बारिश से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है।
-डॉ. एके सिंह, कृषि वैज्ञानिक, हाथरस।
33 फीसदी नुकसान पर किसान को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। आलू में नुकसान तो हुआ है, इसकी खोदाई भी लेट हो गई है। 10 फीसदी गेहूं में बाली निकल आई है और वह गिर गया है तो इस फसल को नुकसान होगा। 90 फीसदी गेहूं के लिए यह बारिश फायदेमंद है। सरसों की फसल में विशेष नुकसान नहीं है।
-आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी।