करीब डेढ़ माह की सुस्ती के बाद जिले के बाजार एक बार फिर शादी-विवाह की तैयारियों से गुलजार हो उठे हैं। 19 जून से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू होने के साथ ही कपड़ा, सराफा, बर्तन, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपहार सामग्री के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। व्यापारियों को इस सहालग में अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुभ ग्रह-नक्षत्र और लग्न में संपन्न विवाह दांपत्य जीवन के लिए मंगलकारी माना जाता है। यही वजह है कि 19 जून से शुरू हो रहे विवाह मुहूर्तों को लेकर परिवारों में उत्साह का माहौल है।
कपड़ों की दुकानों पर शादी के परिधानों की खरीदारी तेज हो गई है, जबकि सराफा बाजार में आभूषणों की मांग बढ़ने लगी है। वहीं बर्तन, फर्नीचर और गिफ्ट आइटम के कारोबारियों ने भी बिक्री बढ़ने की उम्मीद जताई है।
गेस्ट हाउस और बैंड पार्टियों की बढ़ी व्यस्तता
मैरिज होम, बैंक्वेट हॉल, गेस्ट हाउस, कैटरिंग संचालक, बैंड पार्टियां, डीजे, फूल सजावट और लाइटिंग व्यवसाय से जुड़े लोग बुकिंग को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। टेंट और सजावट कार्य से जुड़े कारीगरों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।
12 जुलाई तक रहेंगे शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 12 जुलाई तक विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद देवशयनी एकादशी के साथ भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने की मान्यता के चलते चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। चातुर्मास के दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। यही कारण है कि लोग इस अवधि से पहले अपने पारिवारिक समारोह संपन्न कराने में जुटे हैं।
दो माह में होंगे ये शुभ मूहुर्त
पंडित शेखरेंदु दत्त शर्मा ने बताया कि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार जून और जुलाई में विवाह के लिए कई शुभ तिथियां हैं। जून माह में 19 से 29 जून तक लगातार कई विवाह मुहूर्त हैं, जबकि जुलाई में 1, 3, 4, 6, 7, 8, 9, 11 और 12 जुलाई को भी शुभ विवाह योग बन रहे हैं। इन तिथियों में बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होने की संभावना है।