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त्योहार पर सराफा बाजार को ग्राहकों का इंतजार

Tue, 25 Oct 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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gold market - फोटो : FILE PHOTO
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एक समय था जब त्योहार के एक महीने पहले से ही धूूम धमाका शुरू हो जाया करता था, लेकिन पिछले कुछ सालों से दीपावली की रंगत दिखाई देती है और न ही बाजारों में। 
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सराफा कारोबार की बात करें तो एक दशक में व्यापार का स्तर काफी नीचे पहुंच गया है।

सराफा कारोबारियों की मानें तो पिछले एक दशक में 30 से 35 फीसदी तक सराफा कारोबार कम हो गया है। पहले त्योहार से एक माह पहले ही बाजारों में खूब खरीदारी शुरू हो जाती थी। 
सराफा कारोबारियों के यहां सोने और चांदी के आभूषणों की खूब बुकिंग होती थी और ग्राहक धनतेरस और दीपावली के दिन बुकिंग किए हुए अपने आभूषणों को खरीदते थे।
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अब त्योहार में एक सप्ताह का समय शेष है, लेकिन दुकानों पर बुकिंग न के ही बराबर है। कारोबारियों के अनुसार सोना 30 हजार 350 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 42 हजार 800 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बाजार में बिक रही है। त्योहार कैसा जाएगा कारोबारियों को अभी से चिंता सता रही है। 

पिछले कई सालों से किसानों को आलू, धान की फसलें अच्छी नहीं जा पा रही हैं। किसानों की जब फसल ठीक ठाक नहीं रहती तो बाजार में मंदी आना स्वाभाविक बात है। कारोबारियों का कहना था जब किसानों की फसल अच्छी नहीं होगी तो बाजार में मंदी रहती है। इस साल तो घर-घर में बीमारी के कारण लोग परेशान हैं। इस बार भी त्योहार पर बाजार में मंदी रह सकती है। 

देश भर में चल रहे चाइना मेड आइटमों के विरोध को देखते हुए सराफा कारोबार में चाइना आइटम पूरी तरह से गायब हैं। सराफा कारोबारियों का कहना था कि चाइना मेड चांदी के कुछ आइटम आया करते थे, लेकिन अब देश में चाइना आइटमों के बहिष्कार के चलते एक भी आइटम नहीं मंगाया गया है। भारत में निर्मित आभूषण ही बेचे जा रहे हैं। 

दीपावली को मात्र एक सप्ताह का समय शेष है, लेकिन बाजार में अभी काफी मंदी छाई हुई है। त्योहार पर पहले जैसे क्रेज नहीं रहा। पहले लोग उमंग के साथ हर तरह के सामान की खरीदारी करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। 
संदीप जैन, सराफा कारोबारी

पिछले एक दशक में सराफा कारोबार में भारी गिरावट आई है। कई साल से किसानों की अच्छी खेती नहीं हो पा रही और इस बार बीमारी से लोग बेहाल हैं। दीपावली ही नहीं, अब हर त्योहार की उमंग समाप्त होती जा रही है। 
मदन मोहन अग्रवाल, सराफा कारोबारी

 दीपावली और होली जैसे बड़े त्योहार की उमंग अब समाप्त हो गई है। एक दशक पहले दीपावली पर तो कारोबार ऐसा चलता था खाने, पीने की भी फुर्सत नहीं मिलती थी। लोग अब आभूषणों की कम खरीदारी कर रहे हैं। 
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अशोक दीप वर्मा, सराफा कारोबारी 

वर्ष            सोना (24 कैरेट, प्रति 10 ग्राम)   चांदी (प्रति किलो)
2016           30,350                                        43,000
2015              26,180                                     35,500
2014             27,680                                      39,000
2013             30,750                                      49,000
2012              31,520                                     59,500
स्रोेत - सुधीर जैन सराफ से बातचीत के आधार पर। 
 
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