ग्रामीणों की समस्या और अपनी मांग अपनी जगह है, लेकिन विरोध के तरीके पर भी सवाल है। गुस्सा अफसरों और जनप्रतिनिधियों पर है, लेकिन इसके लिए बच्चों को स्कूल जाने से रोक पढ़ाई से वंचित करने को उचित नहीं ठहराया जा सकता। दो दिन से ग्रामीण विरोध कर रहे हैं लेकिन कोई अफसर या जनप्रतिनिधि उनके बीच नहीं पहुंचा।
मैं बीआरसी पर ट्रेनिंग कर रही हूं, मेरे शिक्षकों ने मुझे बीआरसी पर आकर घटना के बारे में अवगत कराया। मैंने अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। दूसरे दिन भी प्राथमिक विद्यालय 33 में पंजीकृत छात्रों में से एक भी स्कूल नहीं पहुंचा। शिक्षकों को गेट से बाहर निकाल दिया और ताला डाल दिया। प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा कलां के प्राथमिक विद्यालय में 119 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन दूसरे दिन भी कोई भी छात्र नहीं आया। अभिभावकों ने गेट को बंद कर दिया। -अनीता कुमारी, प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द।
गांव के चारों तरफ के रास्ते टूटे पड़े हुए हैं, जरा सी बारिश में गांव में कीचड़ भर जाती है। विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का भी मन बनाया था, उच्च अधिकारियों के समझाने के बाद हमने विधानसभा चुनाव में भाग लिया ,लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। -सरदार सिंह, बिलखौरा खुर्द।
हमें सरकार से कोई भी सुविधा जब तक नहीं चाहिए, गांव में जब तक हमारे गांव का संपर्क मार्ग नहीं बन जाता। सड़क बनने तक तक हम प्रदर्शन करते रहेंगे।-मुनेंद्र सिंह, बिलखौरा खुर्द।
गांव के चारों तरफ के मार्ग टूटे पड़े हैं लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी समस्या का हल नहीं कर पा रहा है। यह संपर्क मार्ग जब तक नहीं बनेगा, हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। -विशम्बर सिंह, बिलखौरा कला।
ग्रामीणों ने आज भी अपने बच्चे नहीं भेजें। स्कूल पर हंगामा किया है। जिसके बारे में उच्च अधिकारियों को बता दिया है। -नंद कुमार पाठक, प्रधानाध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिलखौरा खुर्द।
मामला संज्ञान में है, शिक्षकों ने बताया है कि ग्रामीणों ने गेट का ताला लटका दिया है। ग्रामीणों ने अपने बच्चों को भी स्कूल नहीं भेजा है। सड़क की समस्या है, आगे की कार्रवाई की जा रही है। -अखिलेश प्रताप सिंह, एबीएसए।
मामला संज्ञान में नहीं है जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मेरे समय काल में सड़क निर्माण संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं आया है। -प्रतिभा कमल माहौर, ब्लॉक प्रमुख, सासनी।