ट्रेन के निरस्त होने की वजह से चार अतरिक्त बसों का संचालन मथुरा-कासगंज के लिए किया। इसमें सुबह दो बसें मथुरा के लिए रवाना की गईं। दोपहर को दो बसें कासगंज के लिए भेजी गईं।
मथुरा जाने के लिए हाथरस सिटी स्टेशन पर आई थी, लेकिन बताया जा रहा है कि ट्रेन निरस्त है। अब बस या टेंपो से मथुरा जाना पड़ेगा। -ऊषा देवी, निवासी नवीपुर, हाथरस।
रोज रात को हाथरस आता हूं, रात की ड्यिूटी कर सुबह गांव के लिए ट्रेन से जाता हूं। अब टेंपो से अधिक रुपये खर्च होंगे।-अजीत कुमार, निवासी गांव बाड़ी, सिकंदराराऊ।
मुझे नहीं मालूम था कि आज ट्रेन निरस्त है। मालूम होता तो हाथरस स्टेशन पर नहीं पहुंचता। अब यहां से भी वापस जाना पड़ रहा है। -हरिओम निवासी गांव कचौरा, सिकंदराराऊ।
सुबह शहर आया था। सोचा कि दोपहर वाली ट्रेन से पुरदिलनगर लौट जाऊंगा, लेकिन यहां पता चला कि ट्रेन निरस्त है। अब बस से जाऊंगा।-पूरन सिंह, निवासी पुरदिलनगर।
मारहरा से कासगंज के बीच पुल के निर्माण को लेकर कासगंज-मथुरा खंड की दो ट्रेन निरस्त रही हैं। इसके बारे में पहले से ही जानकारी दे दी गई थी।-राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, इज्जतनगर मंडल।