दरअसल, सादाबाद क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने कोतवाली में 25 मई को तहरीर दी थी। तहरीर में लक्ष्मण एवं उसकी बहन प्रीती पत्नी दिनेश सिंह निवासी सादाबाद पर अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। इस सिलसिले में आगरा जनपद के थाना बरहन क्षेत्र के गांव रूपधनू निवासी संजय व संजय के भाई प्रमोद व संजय के पुत्र को पुलिस ने हिरासत में लिया था। मृतक संजय नामजद आरोपी लक्ष्मण का रिश्ते में जीजा लगता था। उसे सादाबाद पुलिस ने 10 जून को पूछताछ के लिए उठाया। 11 जून को संजय का शांति व्यवस्था भंग में चालान कर दिया गया। एसडीएम सादाबाद के न्यायालय ने संजय को जमानत पर छोड़ दिया । 22 जून की सुबह उसका शव गांव के पास ही पेड़ पर लटका मिला।
प्रमोद ने भी कही थी जान देने की बात
प्रमोद के भाई संजय के फंदे पर झूलकर जान देने के बाद पहुंचे एएसपी अशोक कुमार व सीओ रामप्रवेश राय के समक्ष प्रमोद ने खुलकर कहा था कि पुलिस ने उनका इतना उत्पीड़न किया था कि वह तो खुद भी संजय के साथ लटककर जान देने जा रहा था, लेकिन जा नहीं पाया। पुलिस ने उस समय प्रमोद की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। प्रमोद की मौत के बाद उसकी कही गई बातों का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।