मुरसान के गांव बमनई के रहने वाले सुल्तान सिंह के तीन बेटों ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर राया में आतिशबाजी की दुकान लगाई थी। ठाकुरदास के बहनोई काफी समय से आतिशबाजी का काम करते हैं। उनके साथ काम करने के लिए ठाकुरदास, सुशील, अनिल व लखन राया में पहली बार आतिशबाजी की दुकान लगाई थी। जिसमें शनिवार की दोपहर को अचानक बिजली का शॉर्ट सर्किट होने से रिश्तेदार सहित ठाकुरदास, सुशील, अनिल, लखन घायल हो गए। जिसमें ठाकुरदास व सुशील की सोमवार की रात उपचार के दौरान मौत हो गई है।
मेहनत मजदूरी कर करते थे परिवार का भरण पोषण
गांव बमनई के रहने वाले सुल्तान सिंह की पत्नी राजवती देवी का एक साल पहले गंभीर बीमारी के कारण निधन हो चुका है। सुल्तान सिंह अपने छह पुत्र टुंडा, ठाकुरदास, महेश, सुशील, अनिल, पुनीर के साथ मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। लेकिन उनके दो पुत्र ठाकुरदास व सुशील की एक साथ मौत होने के कारण वह सदमे में है। गांव के पूर्व प्रधान कन्हैयालाल सहित अन्य लोग उनके साथ हैं।
परिवार में शादी के चलते अच्छे कपडे़ लाने को लगाने गए थे आतिशबाजी की दुकान
गांव बमनई में मृतक ठाकुरदास के ताऊ के बेटे जय किशोर की बेटी की शादी है। जिसकी 20 नवंबर को बारात आनी है। जिसकी तैयारियां परिवार में जोर-जोर से चल रही थी। रिश्तेदारों के पास निमंत्रण भी काफी संख्या में पहुंच चुके हैं। परिवार में अचानक दो युवकों की मौत के बाद शादी का माहौल गम में बदल चुका है। शादी में होने वाले खर्च को लेकर सुल्तान सिंह के तीनों बेटे पैसे कमाने के लिए आतिशबाजी की दुकान लगाई थी। परिवार के लोगों के लिए अच्छे कपड़े लाने के लिए पैसे कमाने को घर से गए थे।