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Hathras News: दो जनसेवा केंद्र संचालकों से हुई 60-60 हजार की ठगी

Sat, 22 Feb 2025 01:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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कोतवाली हसायन क्षेत्र के दो जनसेवा केंद्र संचालकों से मनी एक्सप्रेस वेबसाइट व एप के जरिये हुई 60-60 हजार रुपये की ठगी के मामले में थाना साइबर पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से तीन आधार कार्ड, दो चेकबुक, दो एटीएम कार्ड और एक लाख चार हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
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17 फरवरी को जनसेवा केंद्र संचालक अजय कुमार पुत्र गंगा प्रसाद निवासी नगला राम सिंह ममौता कलां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 30 अक्तूबर को दीपिका साहू नाम से एक महिला ने फोन कर बताया कि एक्सिस बैंक की मेंबर आईडी एक्सप्रेस मनी पेमेंट एप के माध्यम से रुपयों का लेन-देन करने पर उनको अच्छा कमीशन दिया जाएगा। जब एप के माध्यम से लेन-देन शुरू किया तो रुपये डालने के बाद निकासी नहीं हुई। इस संबंध में जब उस महिला के नंबर पर फोन किया गया तो उन्हें बताया गया कि 60 हजार रुपये की लिमिट पूरी होने के बाद निकासी होगी।
60000 रुपये डालने के बाद भी निकासी न होने पर उन्हें अपने साथ ठगी का अहसास हुआ। इधर, अजय के परिचित भूपेंद्र सिंह पुत्र सुखवीर सिंह निवासी गिरधर पुर थाना हसायन के साथ भी इसी प्रकार 60000 रुपये की ठगी हुई। दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने इस मामले में टास्क फोर्स गठित की। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने फर्जी वेबसाइट व एप्लीकेशन के माध्यम से रुपयों की ठगी करने की घटना के आरोपी संदीप शर्मा पुत्र महेंद्र शर्मा निवासी त्यागी नगर थाना मुरार जनपद ग्वालियर मध्य प्रदेश को हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है ।
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लुभावने ऑफर देकर बनाते थे ठगी का शिकार
आरोपियों द्वारा विशेष रूप से जनसेवा केंद्र संचालकों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। वह केंद्र संचालकों को फोन कर मनी एक्सप्रेस के नाम से अपनी कंपनी और अपनी वेबसाइट के बारे में बताते थे। उनको कंपनी की तरफ से अच्छा कमीशन, देश-विदेश घूमने की ट्रिप जैसे लुभावने ऑफर देते थे और अपनी वेबसाइट https://expressmoneypayment.co.in को गूगल पर सर्च करने की कहते थे । गूगल पर सर्च करने पर रुपये ट्रांसफर, मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच रिचार्ज करने पर फर्जी वेबसाइट खुल जाती थी और शातिर आरोपियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से अपना लिंक भेजकर मोबाइल में एप इंस्टाल करा दिया जाता था। इस एप से लेन-देन करने पर रुपये तो जमा होते रहते थे, लेकिन रुपयों की निकासी नहीं होती थी। एप में 60000 या उससे अधिक रुपये होने पर एप से जुड़े अभियुक्तों के खाते में पूरे रुपये ट्रांसफर हो जाते थे और एप ब्लॉक हो जाता था।

तीन अन्य आरोपियों की तलाश
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उसके तीन अन्य साथी हैं। इनमें से दो ग्वालियर और एक बिहार का रहने वाला है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल को खंगालने में जुट गई है। जिन जन सेवा केंद्र संचालकों के साथ ठगी हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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करीब 125 सेवा केंद्र संचालकों को बनाया शिकार
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जन सेवा केंद्र संचालकों की पहले रेकी करते थे। जो केंद्र संचालक एप के बारे में कम जानकारी रखते हैं और ग्रामीण क्षेत्र में रुपयों का लेनदेन अधिक करते थे, उनको शिकार बनाया जाता था। अब तक करीब 125 जन सेवा केंद्र संचालकों को यह ठग अपना शिकार बना चुके हैं।
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