चंदपा क्षेत्र में कई गांवों में सार्वजनिक शौचालयों पर महीनों से ताले लटके हैं, तो कुछ की हालत खस्ता है। इन शौचालयों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए लेकिन यह क्रियाशील नहीं है। ऐसे में ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
हाथरस के चंदपा में खुले में शौच से मुक्ति के लिए गांव-गांव में सार्वजनिक शौचालय बनवाए गए। लेकिन कुछ शौचालयों पर ताले लटके हैं, तो कुछ की हालत जर्जर है। ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर है।
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चंदपा क्षेत्र में कई गांवों में सार्वजनिक शौचालयों पर महीनों से ताले लटके हैं, तो कुछ की हालत खस्ता है। इन शौचालयों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए लेकिन यह क्रियाशील नहीं है। ऐसे में ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। गांव बघना, रोहई, चितावर में यही स्थिति देखने को मिलती है।
गांव रोहई में जो सार्वजनिक शौचालय बना है, उसमें कई कमियां है। इसलिए इसे अभी हैंडओवर नहीं किया है। उसका काम जल्द पूरा कराकर इसे चालू करा दिया जाएगा। चितावर के शौचालय का टैंक ओवरफ्लो होने के कारण उसे कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा है। - रामकिशन सिंह, प्रभारी एडीओ मुरसान
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शुरू में दो माह तो गांत का सार्वजनिक शौचालय खुला, लेकिन उसके बाद से यह बंद है। शौचालय बंद होने के कारण काफी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। कई बार शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। - तेजवीर सिंह निवासी बघना
गांव में सार्वजनिक शौचालय बना तो सभी ने सोचा कि अब तो खुले में शौच से मुक्ति मिलेगी, लेकिन इस शौचालय का निर्माण होने के बाद आज तक इसका ताला ही नहीं खुला है। ऐसे में अभी भी खुले में शौच जाना पड़ रहा है। - किशन सिंह निवासी रोहई
गांव में जो शौचालय तो है लेकिन आज तक हमें खुला हुआ नहीं मिला। इसकी हालत भी जर्जर हो गई है। इस शौचालय के बराबर में बरातघर भी है। जब कोई कार्यक्रम होता है, तो उस समय भी इसे खोला नहीं जाता। ऐसे में सभी को काफी परेशानी होती है। - दीवान सिंह निवासी चितावर