18 जनवरी की शाम को केंद्रीय मंत्री के नाम से फोन पर डीपीआरओ सुबोध जोशी से अभद्रता हुई थी। रात को इस मामले में डीपीआरओ मुरसान थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंची थीं। थाने में मुकदमा दर्ज न होने पर अब डीपीआरओ ने ऑनलाइन एप के माध्यम से ई -एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। हालांकि अभी तक ई -एफआईआर पंजीकृत नहीं हो सकी है।
निदेशक, डीएम व पुलिस अफसरों को ई-मेल से दी घटना की जानकारी
डीपीआरओ ने फोन के माध्यम से केंद्रीय मंत्री के नाम पर हुई अभद्रता की जानकारी उच्चाधिकारियों को को भी दे दी है। डीपीआरओ ने इस मामले में पंचायतराज विभाग के निदेशक, डीएम और पुलिस के उच्चाधिकारियों को ई मेल भेजा है। जिलाधिकारी अर्चना वर्मा से मिलकर भी इस मामले की जानकारी दी है।
विभागीय व्हाट्स ग्रुपों पर अन्य जिलों के पदाधिकारियों ने जताया रोष
इस मामले की आग अन्य जिलों तक फैल गई है। इस घटना को लेकर एडीओ पंचायत संघ सहित विभिन्न संघों के पदाधिकारियों ने व्हाट्स एप ग्रुप के माध्यम से घटना पर रोष जताया है। मामले में एकजुट होने का एलान भी किया है।
खुफिया विभाग भी रहा सतर्क
विकास भवन खुलने के साथ ही यकायक पंचायतराज विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की भीड़ एकत्रित होने लग गई। सफाईकर्मियों की भीड़ को बढ़ता देख पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी हलकान हो गए। खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया। एलआईयू के अधिकारियों ने भी पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
मेरे द्वारा मुरसान थाने में मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। एसपी, डीएम, डीआईजी अलीगढ़ और आईजी को भी ई मेल के माध्यम से घटना के बारे में अवगत कराया गया है। अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। 48 घंटे में एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो इस मामले में अग्रिम कदम उठाया जाएगा। -सुबोध जोशी, डीपीआरओ।
डीपीआरओ ने कार्यालय में आकर इस मामले को लेकर प्रार्थना पत्र दिया है। इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं। -अर्चना वर्मा, डीएम