पुलिस पूछताछ में पीकेश ने बताया कि वह और उसके साथी एक दूसरे के कागज लगाकर किसी दूसरे ई-कार्ट स्टोर में नौकरी प्राप्त करते हैं। वहां से डिलीवरी बैग चोरी कर लेते हैं। बैग में जो भी माल होता, उसे आपस में बांट लेते हैं। सूरज ने हाथरस स्थित ई-कार्ट कम्पनी से बैग चोरी किया था, उस बैग में मिले सामान और मोबाइलों को आपस में बांट लिया था। पीकेश ने बताया कि उसके हिस्से में भी 27 मोबाइल आए थे।
ग्राहकों के ऑर्डर कैंसिल कर, डमी रखकर कंपनी को वापस कर देते थे
डिलीवरी बॉय की नौकरी करने के दौरान भी गिरोह के सदस्य मोबाइल चोरी करते थे। वह डिलीवरी के लिए सामान ले जाते समय रास्ते में मोबाइल चोरी कर लेते और ग्राहक द्वारा आर्डर कैंसिल कर देते। मोबाइल की जगह डमी मोबाइल रखकर उसे कंपनी को वापस कर देते। डमी मोबाइल और अन्य सामान यह दिल्ली से खरीदकर लाते थे। चोरी हुए मोबाइल के डिब्बे पर कवर और पाॉलिथीन पैकिंग मशीन से चढ़ा लेते थे। अब इन्होंने तरीका बदल दिया था और मौका देख डिलीवरी बॉय का बैग ही चोरी कर लेते थे।