हाथरस डिपो की कार्यशाला में खड़ीं बसें। संवाद
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परिवहन निगम की ओर से पिछले एक साल में हाथरस डिपो को लगभग दो दर्जन नई बसें दी गई हैं। इनके शामिल होने से हाथरस डिपो में बसों की संख्या 74 हो गई है, लेकिन अब जल्द ही 10 साल और 12 लाख किमी का सफर पूरा करने वाली 17 बसों को बेड़े से हटाया जाएगा।
हाथरस डिपो के बेड़े में इस समय कुल 74 बसें हैं, जबकि लगभग एक साल पहले तक ये आंकड़ा लगभग 60 बसों पर था। पिछले एक साल में कुछ पुरानी बसों को हटाने के साथ लगभग दो दर्जन नई बीएस-६ बसें हाथरस डिपो को दी गई हैं। अब बहुत ही कम दिन ऐसे होते हैं, जब यात्रियों को बसों की कमी महसूस हो, लेकिन अब फिर हाथरस डिपो बसों की कमी से जूझेगा।
डिपो की कुल 17 बसें नीलामी की कगार पर हैं। यह बसें निर्धारित 10 वर्ष व 12 लाख किलोमीटर चलने की सीमा पूरी कर रही हैं। ऐसे में इन बसों की नीलामी का प्रस्ताव हाथरस डिपो की ओर से शासन को भेजा जा चुका है। आने वाले समय में इन बसों का संचालन सड़क पर बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में हाथरस डिपो के बेड़े में मात्र 57 बसें ही रह जाएंगी। जो हाथरस डिपो के यात्रियों के लिए नाकाफी साबित होंगी।
डिपो की 17 बसेें निर्धारित किलोमीटर का सफर पूरा करने की ओर हैं। जल्द ही इन बसों को मार्ग से हटा दिया जाएगा। शासन से इसवकी स्वीकृति लिए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
-अजय कुमार, कार्यशाला प्रभारी हाथरस डिपो।