मंडी में बारिश आने के बाद धान को बचने के तिरपाल से ढंका धान। संवाद
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शहर में बृहस्पतिवार को दोपहर करीब तीन बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ शुरू हुए मौसम के बदलाव ने सड़कों पर वाहनों के पहिये थाम दिए। आंधी के बाद लगभग एक घंटे तक हुई बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
मौसम के इस अचानक बदलाव ने कृषि उपज मंडी समिति में मौजूद किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बृहस्पतिवार को मंडी में करीब 28 हजार क्विंटल धान पहुंचा था। दूर-दराज से देर रात और सुबह से अपने धान की फसल बेचने पहुंचे किसानों के बारिश शुरू होते ही पसीने छूट गए। अचानक हुई बारिश से अपनी फसल को बचाने के लिए किसान तुरंत जद्दोजहद में जुट गए।
किसानों ने प्लास्टिक के तिरपाल से धान की बोरियों को ढंककर बचाने की पूरी कोशिश की। इसके बावजूद कई स्थानों पर धान भीग गया। मंडी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में चल रही धान की कटाई और अन्य कृषि कार्य भी बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि अचानक आई इस आंधी और बारिश से कटी फसल को भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई है।