न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला प्रशासन ने नगर पालिका द्वारा अमृत योजना के लिए प्रस्तावित क्षेत्रों में कराए जाने वाले 78 विकास कार्यों पर रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने ईओ को निर्देशित किया है कि जब तक अमृत योजना के अंतर्गत पाइप लाइन डालने का कार्य पूर्ण नहीं हो जाए, तब तक उन गलियों में विकास कार्य नहीं कराया जाए।
अमृत योजना के तहत नगर पालिका परिषद हाथरस क्षेत्र में पाइप लाइन डालने के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति के लिए तमाम कार्य कराए जा रहे है। जिला प्रशासन के संज्ञान में लगातार आ रहा था कि सड़क निर्माण के कार्य होने के तुरंत बाद ही पेयजल आपूर्ति के लिए अमृत योजना के तहत सड़क को तोड़ा जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इस ओर से नगर पालिका के अधिकारी भी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पालिका सड़क निर्माण और जल निगम से पाइप लाइन डालने वाली प्रस्तावित गलियों की जानकारी ली।
इस आधार पर यह सामने आया कि 78 विकास कार्य ऐसे होने हैं, जिनमें अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली जानी है। इस आधार पर एडीएम अशोक कुमार शुक्ला ने ईओ पालिका को निर्देशित किया कि जल निगम द्वारा विभिन्न गलियों में पाइप लाइन डालने का कार्य प्रगति पर है। 78 विकास कार्यों के संपादन से पूर्व विभिन्न गलियों में अमृत योजना के तहत पाईप लाइन डलवा दी जाए, ताकि विकास कार्य सुरक्षित रहे और सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं हो। उन्होंने यह भी निर्देश जारी किए हैं कि जब तक अमृत योजना के अंतर्गत पाइप लाइन डालने का कार्य पूर्ण नहीं हो जाए, तब तक उन गलियों में विकास कार्य नहीं कराया जाए। वहीं एक्सईएन जल निगम को निर्देशित किया है कि वह जल्द से जल्द पाइप लाइन डालने का काम पूरा करें।