मुरसान। नगर पंचायत क्षेत्र में विकसित हो रहीं अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों की प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। तीन दिन का नोटिस दिए जाने के बाद भी सात कॉलोनियों के संचालक जमीन और निर्माण से संबंधित पूरे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
बृहस्पतिवार को निर्धारित समय तक केवल दो कॉलोनाइजर ही नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। वे भी अधूरे कागजात लेकर आए, जबकि अन्य पांच संचालक दस्तावेज प्रस्तुत करने नहीं पहुंचे।
नगर पंचायत की इस कार्रवाई से कॉलोनी संचालकों में खलबली मची हुई है, जबकि इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदकर मकान बनाने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। उन्हें अपने निर्माण पर कार्रवाई होने की आशंका सता रही है।
कार्यालयों से पहचान मिटाने की चर्चा
कार्रवाई की भनक लगने के बाद कुछ स्थानों पर कॉलोनाइजरों के कार्यालयों से पहचान संबंधी शब्द हटाने और पुताई कराकर पहचान मिटाने की बात भी सामने आई है। पहले कॉलोनाइजरों के द्वारा कॉलोनी के गेट के आसपास ही अपने-अपने कार्यालय बना लिए गए थे, लेकिन अब कार्रवाई के डर से पहचान मिटा दी गईं हैं।
जमीन के अभिलेख और लेआउट मांगे थे
अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार की ओर से 24 अक्तूबर को जारी पत्र में एसडीएम के पत्र का हवाला देते हुए कॉलोनाइजर को नोटिस भेजकर कॉलोनी का नाम और पता, कुल क्षेत्रफल, भूमि का विवरण, भूमि स्वामी व संचालक का नाम-पता, खसरा नंबर, राजस्व अभिलेख, भूमि स्वामित्व के साक्ष्य और स्वीकृत लेआउट सहित जरूरी दस्तावेज मांगे गए थे। नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर कॉलोनाइजर को संबंधित अभिलेख कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
एक-दो दिन और इंतजार करेगा प्रशासन
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि सात कॉलोनियों में नोटिस चस्पा कर दस्तावेज मांगे गए थे। निर्धारित समय में केवल दो कॉलोनाइजर पहुंचे, लेकिन उनके कागजात भी अधूरे थे। एक-दो दिन और इंतजार किया जाएगा। इस दौरान यदि संचालक जरूरी अभिलेख प्रस्तुत करते हैं तो उनका परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।